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कर्नाटक संकट : सीएम कुमारस्वामी ने मांगी विश्वासमत प्रस्ताव पेश करने की अनुमति

कैच ब्यूरो | Updated on: 12 July 2019, 16:00 IST

कर्नाटक विधानमंडल का मानसून सत्र शुक्रवार को मुख्यमंत्री एच. डी. कुमारस्वामी द्वारा विश्वास मत के लिए समय मांगने के साथ शुरू हुआ. कांग्रेस -जेडीएस के विधायकों के 16 विधायकों के इस्तीफे के बाद अब यह मामला स्पीकर के पास है. कांग्रेस-जद (एस) गठबंधन के पास अभी भी 100 विधायकों की संख्या का दावा किया जा रहा है, जो भाजपा से पांच कम है. कर्नाटक में जारी राजनीतिक संकट के बीच, मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने सदन में कहा है कि वह विश्वास मत की मांग करेंगे.

कांग्रेस -जेडीएस विधायकों के इस्तीफे से संबंधित मामला उच्चतम न्यायालय के समक्ष लंबित है. शीर्ष अदालत ने आज इस मामले की सुनवाई की और इसे मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दिया. दलीलें सुनने के बाद बेंच ने कर्नाटक के स्पीकर को 10 बागी विधायकों के इस्तीफे और अयोग्यता के संबंध में शुक्रवार तक यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया. सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि वह 16 जुलाई को मामले की सुनवाई करेगा. सुप्रीम कोर्ट में मुख्यमंत्री के वकील एच.डी. कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि स्पीकर को नोटिस जारी किए बिना इस्तीफे पर आदेश पारित कर दिया गया.

 

कुमारस्वामी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील राजीव धवन ने अदालत को बताया कि बागी विधायकों में से एक पोंजी योजना में शामिल था, जिसके लिए सरकार पर आरोप लगाए जा रहे हैं. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के 10 बागी विधायकों की याचिका पर सुनवाई शुरू की.

विधायकों की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी का कहना है कि अध्यक्ष ने इस्तीफे पर फैसला नहीं लिया है. CJI रंजन गोगोई ने स्पीकर के वकील से पूछा कहा क्या स्पीकर के पास SC आदेश को चुनौती देने की शक्ति है, अध्यक्ष की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके पास संवैधानिक पद है.

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First published: 12 July 2019, 15:57 IST
 
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