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येदियुरप्पा सरकार ने कर्नाटक में टीपू जयंती मनाने पर लगाई रोक

कैच ब्यूरो | Updated on: 30 July 2019, 17:15 IST

कर्नाटक की नई सरकार ने टीपू सुल्तान जयंती समारोह को रद्द कर दिया है. इससे पहले कडगु जिले के भाजपा विधायक के जी बोपैया ने टीपू सुल्तान की जयंती को रद्द करने की मांग की थी. सिद्धारमैया की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार ने 2015 से प्रायोजित जयंती समारोह शुरू किए थे, जिसके बाद से लगातार इसका विरोध किया जा रहा था. इस समारोह का कई समूहों द्वारा राज्य के विभिन्न हिस्सों में विरोध हो रहा है. विशेष रूप से कडगु जिले में विरोध प्रदर्शन देखे गए थे.

सरकार के आदेश में कहा गया है कि "टीपू जयंती के जश्न के खिलाफ राज्य के कडगु जिले सहित विभिन्न हिस्सों में कई विरोध प्रदर्शन हुए हैं. जिले के लोग जश्न के विरोध में हैं. समारोहों के कारण जिले में मौतें हुई हैं. पिछले साल कडगु में विरोध प्रदर्शन के हिंसक हो जाने से कम से कम दो लोगों की मौत हो गई थी.


आदेश में कहा गया, " कैबिनेट ने फैसला किया है कि कन्नड़ संस्कृति विभाग को टीपू सुल्तान समारोह को तत्काल प्रभाव से रद्द करने का आदेश दिया जाता है." येदियुरप्पा ने कहा कि समारोहों पर कई विरोध प्रदर्शन हुए और सरकार ने समारोह को बंद करने का निर्णय लिया.

इतिहासकारों का एक वर्ग यह कहता है कि टीपू सुल्तान अपने राज्य में अनुदान देकर हिंदू मंदिरों की मदद करते थे. टीपू ने अंग्रेजों के खिलाफ चार युद्ध लडे थे. भाजपा समर्थित लोगों का दावा है कि शासक ने लोगों को जबरन धर्मांतरित किया और हिंदू मंदिरों की लूट का आदेश दिया. सिद्धारमैया ने बेंगलुरु में कहा, "लगातार तीन साल तक हमने इसे मनाया है और कर्नाटक के लोगों ने भी इसे स्वीकार किया है. मेरे अनुसार वह पहले स्वतंत्रता सेनानी हैं."

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First published: 30 July 2019, 16:54 IST
 
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