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केजरीवाल ने वाराणसी में मोदी की नोटबंदी को बताया सबसे बड़ा घोटाला

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 December 2016, 11:33 IST
(एजेंसी)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को उनके द्वारा लागू नोटबंदी पर जमकर हमला बोला.

दिल्ली के सीएम केजरीवाल  ने मोदी सरकार के इस फैसले को ‘आजादी के बाद भारत का सबसे बड़ा घोटाले’ का नाम दिया.

केजरीवाल ने वाराणसी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, "नोटबंदी देश से काला धन और भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए नहीं है, बल्कि ये तो केवल कुछ अरबपति दोस्तों की मदद के लिए बनी योजना मात्र है."

उन्होंने नोटबंदी योजना को आजाद भारत का सबसे बड़ा घोटाला करार दिया और सीएजी की रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के प्रमुख बैंकों ने कई बड़े पूंजीपतियों को लगभग आठ लाख करोड़ रुपये के रिण दे रखे हैं. इन पूंजीपतियों ने इनमें आधी रकम विदेशी बैंकों में जमा करा दी और आधी डकार गये.

केजरीवाल ने कहा कि वह मोदी के स्वच्छ भारत अभियान, योग और लक्षित हमले की तारीफ करते हैं. यदि नोटबंदी से कालाधन व भ्रष्टाचार खत्म होता तो वह भी इसका समर्थन करते. लेकिन इससे कुछ भी खत्म नहीं हुआ क्योंकि मोदी जी ने अपने अमीर दोस्तों के लिए यह योजना लायी है और देश की गरीब जनता को लाइन में खड़ा कर दिया है.

उन्होंने पीएम मोदी की पार्टी बीजेपी पर आरोप लगाया कि नोटबंदी से पहले बीजेपी देशभर में लोगों से जमीनें खरीदीं. उसके बाद उन्होंने अपने अमीर दोस्तों को जानकारी दी, जिन्होंने अपना कालाधन ठिकाने लगा लिया.

उसके बाद अंत में मोदी जी ने आठ नवंबर को देशभर में नोटबंदी की घोषणा कर दी गयी. अब मोदी सरकार ने अरबपति दोस्तों के नाम दर्ज आठ लाख करोड़ रुपये का कर्ज माफ करने की तैयारी कर ली है.

उन्होंने दावा किया कि भारतीय स्टेट बैंक ने पिछले हफ्ते 63 अरबपतियों के छह हजार करोड़ रुपये माफ कर दिये. इसके साथ ही केजरीवाल ने यह भी आरोप लगाया कि मोदी ने नौ हजार करोड़ रुपये के कर्जदार विजय माल्या को भी विदेश भगाने में मदद की.

First published: 8 December 2016, 11:33 IST
 
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