Home » राजनीति » Jayalalithaa offered tea to the Apollo Hospital doctors and nurses
 

जानिए 'अम्मा' की ज़िंदगी और मौत की जंग में किसने दिया आख़िर तक साथ?

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 December 2016, 11:11 IST
(एजेंसी)

पांच दिसंबर को जिंदगी और मौत से 74 दिनों की जंग के बाद तमिलनाडु की करिश्माई शख्सियत जयललिता की सांसें थम गईं. 22 सितंबर को वह चेन्नई के अपोलो अस्पताल में भर्ती हुई थीं.

इस दौरान जयललिता के स्वास्थ्य की निगरानी के लिए नर्सों की टीम 24 घंटे उनकी देखरेख में लगी रहती थी. जयललिता के निधन के बाद अपोलो अस्पताल ने दिवंगत नेता की याद में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की. इस दौरान अस्पताल के डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ ने जयललिता के साथ बिताए वक्त के अपने अनुभव साझा किए.

जयललिता की तीन पसंदीदा नर्सें

अपोलो अस्पताल में 16 नर्सों की टीम जयललिता के स्वास्थ्य पर पैनी नजर बनाए रखती थी. जो तीन नर्सें जयललिता को सबसे ज्यादा पसंद थीं, वे हैं शीला, एम वी रेनुका और समुंदेश्वरी.

शीला ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि अम्मा अपने खाने में अपने रसोइए के बनाए गए व्यंजन ही लेना पसंद करतीं थीं. पोंगल, उपमा और कर्ड राइस उन्हें खास तौर से पसंद था.

अम्मा ने किंग-कॉन्ग नाम से नवाजा

अस्पताल स्टाफ ने बताया कि 75 दिनों के दौरान जयललिता कभी-कभी मजाक के मूड में भी दिखती थीं. सेहत की निगरानी करने वाली नर्सों को जयललिता ने 'किंग-कॉग' के नाम से नवाजा था.

ऐसी ही एक नर्स सी वी शीला ने बताया कि जब वे लोग जयललिता के पास होते थे, तो उनके चेहरा खिल जाता था. थोड़ा बहुत वो बातचीत भी करती थीं.

शीला ने साथ ही कहा कि अम्मा खाने की पूरी कोशिश करती थीं. साथ ही नर्सों से वह कहती थीं कि जो भी उन्हें करने को कहा जाएगा, वह करेंगी. शीला ने भावुक होते हुए बताया कि जयललिता एक चम्मच सभी नर्सों के लिए भी खाना निकालती थीं.

'सबसे अच्छी चाय शेयर करना चाहूंगी'

अपोलो अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि 22 सितंबर को जब चार घंटे के इलाज के बाद उनकी सेहत में सुधार हुआ तो उन्होंने सैंडविच और कॉफी मंगाई. आईसीयू में अम्मा के सेहत की निगरानी करने वाली टीम के प्रमुख डॉक्टर का कहना है कि जयललिता जब तरोताजा रहती थीं, तो ड्यूटी करने वाले डॉक्टरों से बातचीत करना उन्हें अच्छा लगता था.

अपोलो अस्पताल की डॉक्टर सत्यभामा का कहना है कि जयललिता उन्हें स्किन केयर टिप्स भी दिया करती थीं. यही नहीं कई बार तो अम्मा उन्हें हेयर स्टाइल बदलने के लिए भी कहती थीं.

अपोलो के डॉक्टरों का कहना है कि अम्मा को अस्पताल की कॉफी नहीं पसंद थी. एक दिन उन्होंने डॉक्टरों और नर्सों को चाय का न्योता दिया.

अपोलो के डॉक्टर रमेश वेंकटरमण से उन्होंने एक बार कहा, "आओ! मेरे घर चलते हैं. मैं आपके साथ काडाइनाडु की सबसे अच्छी चाय शेयर करना चाहूंगी."

तमिलनाडु की छह बार मुख्यमंत्री रह चुकीं जयललिता का पांच दिसंबर को रात साढ़े 11 बजे चेन्नई के अपोलो अस्पताल में निधन हो गया था. चेन्नई के मरीना बीच पर उनके सियासी गुरु एमजी रामचंद्रन के मेमोरियल के पास जयललिता को दफनाया गया है.

First published: 8 December 2016, 11:11 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी