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सचिवालय के पास सेना की तैनाती पर ममता हमलावर, पर्रिकर ने कहा रुटीन अभ्यास

कैच ब्यूरो | Updated on: 2 December 2016, 10:09 IST
(फाइल फोटो)

केंद्र सरकार के आदेश पर राज्य सचिवालय नबन्ना के पास तैनात सैन्य कर्मियों को देर रात हटा लिया गया. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कड़े विरोध के बाद देर रात सैनिकों को हटाया गया.

हालांकि सैन्यकर्मियों को हटाने के बारे में सेना की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अभी भी नबन्ना में ही हैं, जिन्होंने टोल प्लाजा से सैन्यकर्मियों के हटने तक कार्यालय छोड़ने से इनकार कर दिया था.

ममता बनर्जी ने केंद्र पर आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार को किसी भी पूर्व सूचना के बिना राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या दो पर पलसित और दानकुनी के दो टोल प्लाजा पर सेना तैनात की गई है, जो बेहद गंभीर मुद्दा है.

ममता ने कहा, "राज्य सरकार को सूचित किए बगैर दो टोल प्लाजा पर सेना तैनात की गई है. यह बहुत गंभीर स्थिति है, आपातकाल से भी खराब."

ममता बनर्जी ने राज्य सचिवालय में ही रुके रहने का फैसला करते हुए कहा कि जब तक टोल प्लाजा से सेना नहीं हटाई जाती, वह तब तक वहां से नहीं जाएंगी.

इससे पहले, देर रात सेना ने कहा कि वह पश्चिम बंगाल पुलिस की पूरी जानकारी और समन्वय के साथ नियमित अभ्‍यास कर रही है.

वहीं सेना की पूर्वी कमान ने ट्विटर पर एक बयान में कहा, 'सेना पश्चिम बंगाल पुलिस की पूरी जानकारी और समन्वय के साथ नियमित अभ्‍यास कर रही है. यह अटकल गलत है कि सेना टोल प्लाजा का नियंत्रण ले रही है'.

सेना के इस अभ्यास पर आपत्ति जताते हुए कोलकाता पुलिस ने कहा कि सेना के इस अभ्‍यास के कारण सुरक्षा और यातायात की समस्या सामने खड़ी हो गई थी.

हालांकि, ममता ने इस मामले में सेना के ट्वीट के बाद भी केंद्र पर आरोप लगाते हुए कहा, "उनका इरादा राजनीतिक, असंवैधानिक, बदले की भावना, अनैतिक, अलोकतांत्रिक है. मैंने निर्णय किया है कि जब तक सेना को इस सचिवालय के सामने से नहीं हटाया जाता है, मैं यहां से नहीं जाउंगी. मैं आज रात यहां ठहरूंगी. क्या इस देश में सेना द्वारा तख्ता पलट किया जा रहा है?"

मुख्‍यमंत्री ने केंद्र से प्रश्न करते हुए कहा, "क्या यह संघीय व्यवस्था पर हमला है. हम इस मामले में विस्तार से जानकारी चाहते हैं. इसके लिए हमने केंद्र के मुख्य सचिव को पत्र भी लिखा है. इसके अलावा मैं इस मामले में राष्ट्रपति से भी बात करूंगी. क्या देश में अघोषित आपातकाल लागू कर दिया गया है?"

ममता बनर्जी ने कहा, "सेना हमारी संपति है. हमें उन पर गर्व है. हमें बड़ी आपदाओं और सांप्रदायिक तनाव के दौरान सेना की जरूरत होती है."

उन्होंने कहा, "मैं नहीं जानती कि क्या हुआ है. यदि छद्म अभ्यास है, तब भी राज्य सरकार को सूचित किया जाता है."

वहीं इस मामले में एअर फोर्स के विंग कमांडर एसएस बिर्दी ने कहा, "सेना की तैनाती में कुछ भी चौंकाने वाला तथ्य नहीं है क्योंकि यह सरकारी आदेश के अनुसार होता है."

First published: 2 December 2016, 10:09 IST
 
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