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लोकसभा चुनाव 2019 : प्रियंका गांधी के सामने हैं ये दो बड़ी चुनौतियां

कैच ब्यूरो | Updated on: 13 March 2019, 14:08 IST

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृह क्षेत्र गुजरात में अपनी पहली चुनावी रैली को संबोधित किया. जहां उन्होंने सरकार के वादों पर पर में सवाल उठाये. अब सवाल यह है कि क्या प्रियंका गांधी इस चुनाव में कांग्रेस पार्टी की वापसी करवा पाएंगी या नहीं.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की छोटी बहन प्रियंका गांधी पूर्वी उत्तर प्रदेश (यूपी) की पार्टी प्रभारी हैं. उन्होंने पिछले महीने सैकड़ों पार्टी नेताओं के साथ बैठकों की एक श्रृंखला आयोजित करके इस क्षेत्र में अपना काम शुरू किया. उत्तर प्रदेश के 11 उम्मीदवारों की पहली सूची भी पिछले सप्ताह जारी की गई थी, जिसमें राहुल गांधी और कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी शामिल थे.

 

एक रिपोर्ट के माने तो राज्य के वरिष्ठ पार्टी नेताओं के अनुसार हालांकि प्रियंका गांधी को बड़ी देर से पार्टी की संभावनाओं में सुधार के लिए उत्तर प्रदेश सौंपा गया है, अब उनकी पहली चुनौती पार्टी कैडर और दूसरी प्रभावी टिकट वितरण होगा. कांग्रेस पार्टी के कई लोगों को यह भी उम्मीद है कि वह समाजवादी पार्टी-बहुजन समाज पार्टी-राष्ट्रीय लोकदल के गठबंधन के साथ चुनावी समझ बनाने में अहम भूमिका निभा सकती हैं.

कई नेताओं का मानना है कि वह पूर्वी यूपी में स्थिति का आकलन कर रही है और उसके पास कुछ आईडिया हैं जो आने वाले दिनों में लागू होंगे. उनकी तत्काल चुनौती निश्चित रूप से राज्य में टिकट वितरण होगी और वह कांग्रेस की संभावनाओं के बारे में पार्टी कार्यकर्ताओं में विश्वास की भावना को बढ़ा सकती हैं. 2014 के आम चुनावों में कांग्रेस ने सिर्फ दो लोकसभा सीटें जीती थीं.

विश्लेषकों का मानना है कि उनसे पार्टी के कार्यकर्ताओं में जोश भरने की उम्मीद है लेकिन उनकी नियुक्ति बहुत देर से हुई. अगर वह पहले से ही उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक रैलियों को संबोधित कर चुकी होती तो यह एक अलग परिदृश्य हो सकता था.

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First published: 13 March 2019, 14:08 IST
 
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