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2019 में मोदी को हराने के लिए हाथ मिला सकते हैं केजरीवाल और राहुल

कैच ब्यूरो | Updated on: 2 June 2018, 11:15 IST

पिछले काफी चुनावों से संयुक्त विपक्ष मिलकर बीजेपी को पटखनी देने की कोशिश कर रहा है. जहां एक तरफ विपक्ष एकजुट होने की कोशिश कर रहा है वहीं मोदी सरकार और बीजेपी के लोग विपक्ष की एकजुटता पर सवाल उठा रहे हैं. अब खबर है कि साल 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले दिल्ली में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस में गठबंधन हो सकता है.

दरअसल एक दिन पहले आम आदमी पार्टी ने दिल्ली की सात सीटों में से सिर्फ पांच पर ही प्रभारी घोषित किए हैं. आप ने पंकज गुप्ता को चांदनी चौक सीट से, दिलीप पांडे को उत्तर-पूर्वी दिल्ली सीट से, राघव चड्ढा को दक्षिण दिल्ली से, आतिशी मर्लिना को पूर्वी दिल्ली सीट से जबकि गुगन सिंह को उत्तर-पश्चिमी सीट से प्रभारी बनाया है. आप ने नई दिल्ली और पश्चिमी दिल्ली लोकसभा सीट पर प्रभारी घोषित नहीं किए हैं. अटकलें हैं कि आप ने कांग्रेस के लिए ये दो सीटें छोड़ी हैं.

अटकलें आप नेता दिलीप पांडे के ट्वीट से भी लगाई जा रही हैं. दिलीप पांडे ने ट्वीट किया, ‘’जी! कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेता 'आम आदमी पार्टी' के संपर्क में हैं और वे हरियाणा, दिल्ली और पंजाब में हमारा साथ और सहयोग चाहते हैं और दिल्ली में हमसे वे एक सीट मांग रहें हैं.’’

हालांकि दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने इस तरह की अटकलों को खारिज किया है. अजय माकन ने ट्वीट किया, ''जब दिल्ली के लोग लगातार केजरीवाल की सरकार को नकार रहे हैं, तो फिर ऐसे में कांग्रेस उन्हें बचाने के लिए क्यों आगे आए? केजरीवाल, अन्ना हजारे और उनकी टीम की आरएसएस ने ही मदद की थी. इसी के बलबूते मोदी सत्ता में काबिज हो पाए.''

भले ही अजय माकन इस चीज को नकार रहे हों लेकिन दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दो दिन पहले पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की तारीफ की थी, इसके बाद से ही कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के चुनाव पूर्व गठबंधन की अटकलों ने जोर पकड़ा है. वहीं उत्तर प्रदेश के कैराना, फूलपुर और गोरखपुर में महागठबंधन की जीत के बाद भी इसमें संभावना बढ़ गई है.

First published: 2 June 2018, 9:13 IST
 
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