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कबीर की मजार पर चादर चढ़ाकर PM मोदी करेंगे लोकसभा चुनाव 2019 के प्रचार की शुरुआत

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 June 2018, 10:35 IST
(file photo)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यूपी के संत कबीर नगर से आगामी लोकसभा चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत करने वाले हैं. वे संत कबीर दास की 500वीं पुण्यतिथि पर उनकी परिनिर्वाण स्थली पर जाकर उनकी मजार पर चादर चढ़ाकर अभियान की शुरुआत करेंगे. इसके बाद वगह कबीर अकादमी का शिलान्यास करेंगे.

पीेएम मोदी एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे. भाजपा ने इस कार्यक्रम को 2019 के लोकसभा चुनावों के मद्देनजर प्रचार की शुरुआत के रूप में रखा है. बता देें कि साल 2014 के लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी ने वाराणसी से चुनाव लड़ा था और उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने प्रचार का केंद्र वाराणसी शहर को रखा था.

 

गौरतलब है कि संत कबीर के अनुनायियों में दलित, पिछड़े और मुस्लिम समुदाय से बड़ी संख्या में लोग आते हैं. मन की बात कार्यक्रम में पीएम मोदी ने भी कहा था कि संत कबीर का हिंदू और मुस्लिम दोनों ही समुदाय में बड़ा सम्मान है. पीएम मोदी ने कहा था संत कबीर ने समाज में समानता, भाईचारे और शांति पर जोर दिया था साथ ही अंधविश्वास के खिलाफ भी लड़ाई लड़ी.

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इससे पहले सीएम योगी ने आज सुबह अमौसी एयरपोर्ट पर पीएम मोदी का स्वागत किया. यहां बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे. यहीं से सभी हेलीकाप्टर से मगहर जाएंगे. पीएम मोदी गुरुवार को 24 करोड़ की लागत से बनने वाले कबीर दास मगहर एकेडमी की आधारशिला रखेंगे.

कौन हैं संत कबीर दास?
कबीर दास 15वीं सदी के प्रसिद्ध कवि और संत थे. कबीर का जन्म बनारस के लहरतारा में 1456 ई. में हुआ था. सूफी कबीर ने जीवन के अंतिम तीन वर्ष मगहर में बिताए. 1575 ई. में मगहर में कबीर दास की मृत्यु हुई. 

कबीर के माता-पिता का नाम नीरु और नीमा बताया जाता है. कबीर पंथ के लोगों को कबीर पंथी कहा जाता है. संत कबीर की रचनाओं में बीजक, कबीर ग्रंथावली, अनुराग सागर, सखी ग्रंथ हैं. कबीर को प्रभावशाली परंपरा और संस्कृति से विश्व प्रसिद्धि मिली.

कबीर ने एक सामान्य गृहस्वामी और एक सूफी के संतुलित जीवन को जिया. कबीर ने धार्मिक शिक्षा गुरु रामानंद से ली. कबीर ने हिन्दी, अवधी, ब्रज, और भोजपुरी में कविताएं लिखीं. कबीर ने अपने समय के सामाजिक आडम्बरों और कुरीतियों पर जमकर चोट किया.

First published: 28 June 2018, 10:35 IST
 
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