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वेंकैया नायडू ने ली देश के उपराष्ट्रपति की शपथ

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 August 2017, 12:40 IST
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वेंकैया नायडू ने शुक्रवार को देश के 15 वें उपराष्ट्रपति पद की शपथ ली. देश के महामहिम रामनाथ कोविंद ने उन्हें राष्ट्रपति भवन के दरबार हॉल में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. शपथ ग्रहण समारोह में पीएम नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह समेत सभी बड़े नेता मौजूद थे.

वेंकैया नायडू ने हिंदी भाषा में शपथ ली. इससे पहले वह राजघाट गए और वहां राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी. उन्होंने पटेल चौक पर सरदार वल्लभभाई पटेल और डीडीयू पार्क में दीनदयाल उपाध्याय को भी श्रद्धांजलि अर्पित की.

गौरतलब है कि भाजपा के उम्मीदवार के तौर पर उन्होंने अपने खिलाफ उतरे विपक्ष के सयुंक्त उम्मीदवार और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के पोते गोपाल गांधी को बड़े अंतर से हराया. वेंकैया नायडू को 516 वोट मिले, जबकि गोपालकृष्ण गांधी को 244 वोट से ही संतोष करना पड़ा. उनसे पहले उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी का कार्यकाल 10 अगस्त को समाप्त हो गया. वह लगातार दो बार इस पद पर रहे.

वेंकैया नायडू भाजपा के कद्दावर नेता के तौर पर जाने जाते हैं और वो पार्टी के साथ लगभग स्थापना से ही जुड़े हुए हैं. किसी समय वो अटल-आडवाणी के खास माने जाते थे, लेकिन पीएम मोदी की बढ़ती लोकप्रियता और 2013 में भाजपा द्वारा उन्हें पीएम पद का उम्मीदवार बनने के बाद वो उनके खास व्यक्तियों में शामिल हो गए.

इसके अलावा  वेंकैया नायडू को भाजपा का दक्षिण भारत का बड़ा चेहरा माना जाता है. वो अपनी वाकपटुता और विपक्षी दलों से संबधों के कारण भी पार्टी में विशेष महत्व रखते हैं. उन्होंने कई बार पार्टी के लिए संकटमोचक की भूमिका निभाई है. इसी कारण मोदी-शाह की जोड़ी ने वेंकैया नायडू को अपना उम्मीदवार बनाया.

वेंकैया नायडू का उपराष्ट्रपति पद तक पहुंचने का सफ़र

  1. वेंकैया नायडू का जन्म 1 जुलाई, 1949 को आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिले में हुआ. 1971 में वेंकैया नेल्लोर के वीआर कॉलेज के छात्र संघ अध्यक्ष चुने गए. इसके दो साल के भीतर वे आंध्र विश्वविद्यालय के कॉलेजों के छात्र संघ अध्यक्ष बने.
  2. वेंकैया 1974 में जनता आंदोलन से प्रभावित होकर आंध्र प्रदेश में लोक नायक जय प्रकाश नारायण छात्र संघर्ष समिति से जुड़ गए. इमरजेंसी के दौरान वेंकैया मीसा (मेनटेनेंस ऑफ इंटरनल सिक्योरिटी एक्ट) के तहत गिरफ्तार भी किए गए.
  3. वेंकैया 29 साल की उम्र में 1978 में पहली बार विधायक बने. 1983 में भी विधानसभा पहुंचे और धीरे-धीरे राज्य में भाजपा के सबसे बड़े नेता बनकर उभरे. 1980 में उन्हें भाजपा की यूथ विंग का वाइस प्रेसिडेंट और विधानसभा में पार्टी के विधायक दल का नेता बना दिया गया.
  4. 1998 में वे कर्नाटक से राज्यसभा पहुंचे. इसके बाद से ही 2004, 2010 और 2016 में वह राज्यसभा के सांसद बने. अब तक वो राजस्थान से राज्यसभा सदस्य थे.
  5. पार्टी अध्यक्ष पद से जनाकृष्णमूर्ति की विदाई के बाद वेकैंया को 2002 में भाजपा अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली. 2002 में वे पहली बार भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने. इसके बाद 2004 में वह दोबारा अध्यक्ष बने, लेकिन एनडीए की हार के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया.
  6. वेंकैया नायडू की उम्र 68 साल है और भाजपा द्वारा उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाने के बाद उन्होंने आवास और शहरी मामलों के मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. इसके अलावा उनके पास सूचना और प्रसारण मंत्रालय के साथ-साथ शहरी गरीबी उन्‍मूलन मंत्रालय भी था.
First published: 11 August 2017, 10:57 IST
 
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