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महाराष्ट्र में फंसा पेंच, राज्यपाल से मिलने के बाद BJP बोली- नहीं बनाएंगे सरकार

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 November 2019, 19:34 IST

महाराष्ट्र में सरकार गठन का पेंच और उलझ गया है. महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के आए परिणामों के बाद राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी बीजेपी ने रविवार को राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात से बाद साफ कहा कि बीजेपी सरकार बनाने का दावा पेश नहीं करेगी.

महाराष्ट्र बीजेपी अध्यक्ष चंद्रकांत पाटील ने बीजेपी विधायकों की के साथ बैठक के बाद राज्यपाल से मुलाकात की. राज्यपाल से मुलाकात के बाद चंद्रकांत पाटील ने कहा,'जनता ने बीजेपी- शिवसेना को सरकार बनाने के लिए बहुमत दिया था लेकिन शिवसेना इस बहुमत का अपनाम कर राज्य में कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन से साथ मिलकर सरकार बनाना चाहतें हैं तो उन्हें उसके लिए बधाई.'

राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात के बाद पार्टी की तरफ से कहा गया,'शिवसेना ने कहा कि जनादेश महायुती (गठबंधन) के लिए था और शिवसेना सरकार बनाने के लिए तैयार नहीं है, इसलिए हमने राज्यपाल को बताया है कि हम सरकार नहीं बना पाएंगे.' गौरतलब हो, राज्यपाल ने बीजेपी को सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते उन्हें सरकार बनान के लिए आमंत्रित किया था और पार्टी से पूछा था कि क्या उसके पास सरकार बनाने के लिए बहुमत है.

बता दें, अगर शिवसेना या फिर कांग्रेस-गठबंधन सरकार बनाने का दावा पेश नहीं करती हैं तो ऐसे में राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के पास राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश करने के आलाव कोई दूसरा विकल्प नहीं बचेगा. महाराष्ट्र में जो राजनीतिक हलचल चल रही है उसके देखकर तो यही अनुमाल लगाया जा रहे हैं कि राज्य में राष्ट्रपति शासन लग सकता है.

महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल नौ नवंबर को समाप्त हो चुका है. विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने से एक दिन पहले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा दे दिया है.

महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के आए परिणामों के बाद राज्य में अभी तक किसी भी दल द्वारा सरकार बनाने को लेकर राज्यपाल के पास दावा नहीं किया गया है. चुनावों में बीजेपी- शिवसेना को बहुमत तो मिला लेकिन चुनाव परिणाम आने के बाद शिवसेना ने बीजेपी के सामने मुख्यमंत्री पद को लेकर 50-50 का फार्मूला दिया है जिसके कारण खींचतान जारी है और राज्य में राजनीतिक संकट गहराता जा रहा है.

वहीं रविवार को भी दिन भर राजनीतिक पार्टियों के बीच गहमा गहमी दी गई. कांग्रेस ने एक बार फिर साफ किया कि उसे विपक्ष में बैठने का बहुमत मिला है और वो विपक्ष की भूमिका निभाएगी. जबकि दूसरी तरफ शिवसेना भी अपने रूख पर उड़ी है और लगातार इस बात से संकेत दे रही है कि पार्टी इस बार मुख्यमंत्री पद से बिना नहीं मानेगी.

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First published: 10 November 2019, 19:12 IST
 
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