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खादी ग्रामोद्योग के कैलेंडर में गांधी की जगह मोदी, राहुल का तंज- मंगलयान इफेक्ट

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:36 IST
(ट्विटर)

खादी ग्रामोद्योग के कैलेंडर और डायरी में महात्मा गांधी की जगह पीएम नरेंद्र मोदी की तस्वीर के मामले ने सियासी तूल पकड़ लिया है. कांग्रेस ने इस ममले में प्रधानममंत्री से देश से माफी मांगने को कहा है. 

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने खादी विलेज इंडस्ट्रीज कमीशन (केवीआईसी) के कैलेंडर में पीएम मोदी की तस्वीर को लेकर तंज कसा है. राहुल ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से एक अंग्रेजी अखबार का लेख पोस्ट करते हुए ट्वीट किया, "द मंगलयान इफेक्ट."

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि इस घटना से साबित हुआ है कि पीएम मोदी सिर्फ अपनी पब्लिसिटी में दिलचस्पी रखते हैं. वह खुद को राष्ट्रपिता से बड़ा दिखाना चाहते हैं. कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया है कि बीजेपी गांधी की विरासत को देश से मिटाना चाहती है.

सुरजेवाला ने कैलेंडर और डायरी से मोदी की तस्वीर हटाने की मांग करते हुए ट्वीट किया, "खादी और गांधीजी हमारे इतिहास, आत्मसम्मान और संघर्ष की पहचान हैं. गांधी जी की फोटो हटाना किसी पवित्र चीज को दूषित करने जैसा पाप है."

खादी ग्रामोद्योग का पक्ष

खादी ग्रामोद्योग आयोग के चेयरमैन विनय कुमार सक्सेना ने इस मसले पर विवाद को बेबुनियाद बताया है. सक्सेना ने कहा है कि केवीआईसी की डायरी और कैलेंडर पहले भी गांधीजी की तस्वीर के बगैर छप चुके हैं. 

सक्सेना का कहना है कि मोदी की तस्वीर का इस्तेमाल खादी को बढ़ावा देने के लिए हुआ है. सक्सेना का कहना है कि मोदी युवाओं के आदर्श हैं और उन्हीं की वजह से पिछले 2 साल में खादी का इस्तेमाल 34 फीसदी तक बढ़ा है. 

कर्मचारियों का विरोध

इस बीच खादी ग्रामोद्योग के कर्मचारी भी महात्मा गांधी की तस्वीर की जगह पीएम मोदी की तस्वीर लगाने का विरोध कर रहे हैं. 

खादी ग्रामोद्योग के कर्मचारियों ने विरोध के तौर पर भोजनावकाश के दौरान खाना नहीं खाया. महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास मुंह पर काली पट्टी बांधकर 30 मिनट तक कर्मचारी बैठे रहे. ट्विटर पर भी यह मुद्दा ट्रेंड कर रहा है.

ट्विटर यूजर रमनदीप सिंह ने लिखा, "पूरा खादी उद्योग ही गांधी जी के दर्शन, विचारों और आदर्शों पर आधारित है. वह खादी ग्रामोद्योग की आत्मा जैसे हैं. बीते साल भी मोदी की फोटो कैलेंडर में शामिल की गई थी. तब कर्मचारियों के विरोध पर भविष्य में ऐसा ना होने का वादा किया गया था."

शहजाद पूनावाला ने ट्वीट में लिखा, "जब गोडसे की संतानें गांधी की जगह लेती हैं. हे राम!"

एक और ट्विटर यूजर ने लिखा, "महात्मा गांधी की फोटो हटा सकते हो पर आप उनके विचारों को कभी नहीं मिटा सकते."

First published: 13 January 2017, 4:21 IST
 
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