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UP में फर्राटे से दौड़ने वाले राहुल के 'दोपहिया रथ' पर MP में लगे ब्रेक

सुधाकर सिंह | Updated on: 8 June 2017, 14:55 IST
बाइक पर पीछे बैठे हुए राहुल गांधी

मध्य प्रदेश के मंदसौर में घुसने से पहले कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को नीमच में हिरासत में ले लिया गया. इस घटना के बाद छह साल पहले यूपी के भट्टा-पारसौल में हुई घटना की याद ताज़ा हो गई, जब राहुल गांधी ने यूपी पुलिस को चकमा देते हुए बाइक पर बैठकर गांव में घुसने में कामयाबी हासिल की थी. खास बात ये है कि उस वक्त भी किसान आंदोलन कर रहे थे और इस बार भी किसान गुस्से में हैं. 

यानी यूपी में छह साल पहले फर्राटे से दौड़ने वाले राहुल के दोपहिया रथ यानी उनकी बाइक पर मध्य प्रदेश में ब्रेक लग गए. मंदसौर में किसानों पर फायरिंग के बाद से राज्य के हालात लगातार तीन दिन से खराब हैं. मंगलवार को पुलिस फायरिंग में छह लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें से पांच किसान हैं.  

इस घटना के बाद से देश की सियासत गरमाई हुई है. राहुल गांधी  मध्य प्रदेश सीमा में घुसने में तो कामयाब हो गए, लेकिन उनकी बाइक मंदसौर से पहले ही रुक गई. नीमच में ही पुलिस ने उन्हें रोकने के बाद हिरासत में ले लिया.  

जीतू पटवारी के पीछे बैठे राहुल

गुरुवार दोपहर में भारी जद्दोजहद के बाद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश सीमा में प्रवेश किया. वे पुलिस बल के साथ रस्साकशी करते हुए मोटरसाइकिल के जरिए नीमच के रास्ते मंदसौर की तरफ बढ़े.  

हालांकि प्रशासन ने कर्फ्यू की वजह से उन्हें मंदसौर आने की इजाजत नहीं दी थी. वे राजस्थान के उदयपुर के रास्ते मध्य प्रदेश की सीमा में मोटरसाइकिल पर बैठकर पहुंचे. उनके साथ कांग्रेस नेता कमलनाथ, सचिन पायलट और मध्य प्रदेश के कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी भी नजर आए.

राहुल को पीछे बिठाकर जीतू पटवारी ने बाइक चलाई. वहीं सचिन पायलट भी बाइक पर सवार दिखे. कांग्रेस उपाध्यक्ष का काफिला टोल नाके पर ही रोक देने के बाद वे बाइक से प्रशासन को चकमा देते हुए आगे बढ़ चुके थे. इसके बाद सड़क को छोड़कर वे खेतों के रास्ते निकले, लेकिन मंदसौर पहुंचने की राहुल की मंशा पूरी नहीं हो सकी.

क्या हुआ था भट्टा-पारसौल में?

10 मई 2011 को राहुल गांधी पुलिस को चकमा देते हुए ग्रेटर नोएडा के भट्टा-पारसौल गांव में पहुंच गए थे. उस वक्त यूपी में मायावती के नेतृत्व में बसपा की सरकार काबिज थी. किसान यहां एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट के लिए जमीन के अधिग्रहण का विरोध कर रहे थे. पुलिस और किसानों के बीच संघर्ष में यहां दो पुलिसकर्मियों और दो किसानों की मौत हुई थी.

राहुल गांधी भट्टा-पारसौल गांव में किसानों से मुलाकात के लिए पहुंचे थे. इस दौरान गांव में किसानों की पंचायत में भी राहुल ने हिस्सा लिया था. भट्टा-पारसौल में राहुल ने किसानों के साथ 19 घंटे बिताए थे. हालांकि रात में यूपी पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था. ग्रेटर नोएडा के कासना थाने में उन्हें तीन घंटे तक हिरासत में रखने के बाद छोड़ दिया गया था.

 

भट्टा-पारसौल गांव में किसानों के बीच कांग्रेस उपाघ्यक्ष राहुल गांधी/ फाइल फोटो

अखिलेश सरकार ने वापस लिए थे मुकदमे

यह घटना राष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियों में छाई रही थी. वहीं यूपी में समाजवादी पार्टी की 2012 में सरकार बनने के बाद भट्टा तथा परसौल गांव में पुलिस के साथ हुए संघर्ष के मामले में आरोपी किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस ले लिए गए थे. अखिलेश सरकार ने मई 2011 में पिछली बसपा सरकार के कार्यकाल में दर्ज किये गये मुकदमों को वापस लेने की घोषणा पहले ही कर दी थी.

किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व में ग्राम भट्टा व परसौल के किसानों ने मई 2011 में अपनी जमीनों का मुआवजा बढ़ाए जाने के लिए आन्दोलन किया था. ज्यादातर मुकदमे जनपद गौतमबुद्धनगर के थाना दनकौर में मानवीर सिंह तेवतिया, प्रेमवीर, काले सिंह, गजे सिंह, किरणपाल, धन सिंह और अन्य के खिलाफ दर्ज हुए थे.

First published: 8 June 2017, 13:58 IST
 
सुधाकर सिंह @sudhakarsingh10

कैच हिंदी टीम, वो अमीर हैं निज़ाम-ए-जहां बनाते हैं, मैं फ़क़ीर हूं मिज़ाज-ए-जहां बदलता हूं...

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