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नोटबंदी पर मनमोहन सिंह के पीएम मोदी से 11 सवाल

कैच ब्यूरो | Updated on: 24 November 2016, 12:51 IST
(राज्यसभा टीवी)

नोटबंदी पर संसद में एक बार फिर शुरू हुई बहस के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह ने मोदी सरकार को निशाने पर लिया. राज्यसभा में विमुद्रीकरण के मुद्दे पर चर्चा हो रही है. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी सदन में मौजूद हैं.

इससे पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि सरकार तुरंत चर्चा के लिए तैयार है. कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद के बयान के बाद जेटली ने चर्चा पर अपनी सहमति जताई. गुलाम नबी आजाद ने कहा कि कांग्रेस इस फैसले के विरोध में नहीं है, लेकिन लोगों को हो रही असुविधा पर उसे चिंता है.

चर्चा में सबसे पहले अर्थशास्त्री और पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने सदन को संबोधित किया. मनमोहन सिंह ने इस दौरान कहा कि मोदी सरकार की नीयत पर शक नहीं है, लेकिन हकीकत यह है कि नोटबंदी के फैसले को लागू करने में ऐतिहासिक कुप्रबंधन किया गया. एक नजर उनके संबोधन के अहम बिंदुओं पर:

पीएम से 11 सवाल

1. जनता को आ रही दिक्कतों पर सरकार को खास ध्यान देने की जरूरत है. सरकार के उद्देश्य पर सवाल नहीं उठा रहे हैं, लेकिन जनता को कैसे राहत मिलेगी?

2. 60-65 लोगों ने अपनी जान गंवा दी, जो कुछ भी अब तक हुआ है उससे हमारे लोगों का करेंसी और बैंकिंग व्यवस्था में भरोसा कमजोर होगा. कैसे भरोसा बहाल किया जाएगा?

3. प्रधानमंत्री ने कहा कि 50 दिन का इंतजार कीजिए, लेकिन गरीब तबके के लिए ये 50 दिन का टॉर्चर काफी नुकसानदायक हो सकता है. कितनी जल्दी उन्हें राहत मिलेगी?

4. मैं प्रधानमंत्री से पूछना चाहता हूं कि किसी एक देश का नाम बताएं, जहां लोगों ने अपना पैसा जमा कर दिया लेकिन वे इसे निकाल नहीं सकते हैं.

5. पीएम कुछ रचनात्मक प्रस्ताव लेकर आएं कि कैसे वे इस योजना को लागू कर सकते हैं?

6. ग्रामीण इलाकों में जो सहकारी बैंक लोगों को सेवाएं दे रहे हैं, उनमें से ज्यादातर काम नहीं कर रहे हैं. इन बैंकों को कैसे जल्द ऑपरेशनल किया जाएगा?

7. विमुद्रीकरण के फैसले को लागू करने में ऐतिहासिक कुप्रबंधन बरता गया है. सरकार ने पहले से प्रबंधन के बारे में क्यों नहीं सोचा?

8. क्या पीएम से हम उम्मीद करें कि देश की परेशान जनता के लिए वे कोई व्यावहारिक रास्ता निकालकर मदद करेंगे?

9. जो लोग कह रहे हैं कि नोटबंदी के लंबे समय के लिए अच्छी है, उनको मैं दुरुस्त कर दूं, "इस लंबी दौड़ में हम सभी मर जाएंगे."

10. सरकार के इस फैसले से कृषि क्षेत्र और छोटे उद्योगों पर बुरा असर पड़ रहा है. इस पर ध्यान देने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे?

11. पांच सौ और एक हजार के नोट बंद करना संगठित लूट जैसा है. इससे देश का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) दो फीसदी या उससे ज्यादा घटेगा. कैसे जीडीपी को स्थिर रखा जाएगा?

शुक्रवार तक स्थगित राज्यसभा

राज्यसभा में बहस के दौरान जब पूर्व पीएम मनमोहन सिंह बोल रहे थे, उस दौरान पीएम मोदी मौजूद रहे. हालांकि लंच के बाद जब कार्यवाही शुरू हुई, तो पीएम मोदी राज्यसभा से चले गए.

पीएम मोदी की सदन में गैरमौजूदगी से नाराज विपक्ष ने एक बार फिर हंगामा मचाना शुरू कर दिया. कार्यवाही के दौरान हंगामा बढ़ता देखकर कार्यवाही शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी गई.

First published: 24 November 2016, 12:51 IST
 
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