Home » राजनीति » Manohar Lal Khattar Became Haryana Chief Minister For Second Time
 

मनोहर लाल खट्टर ने ली सीएम पद की शपथ, 53 साल बाद लगातार दूसरी बार हरियाणा के सीएम बनने वाले पहले गैर कांग्रेसी

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 October 2019, 15:44 IST

शानिवार को हरियाणा बीजेपी ने मनोहर लाल खट्टर को बीजेपी विधायक दल का नेता चुना गया था उसके बाद उन्होंने राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया था. वहीं रविवार को दिवाली के दिन मनोहर लाल खट्टर ने बतौर सीएम पद एवं गोपनीयता की शपथ ली जबकि दुष्यंत चौटाला ने उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. मनोहर लाल खट्टर जब सीएम पद की शपथ ले रहे थे तब अजय चौटाला मंच पर मौजूद थे.

बता दें, अजय चौटाला जननायक जनता पार्टी के अध्यक्ष और हरियाणा ने नए उप-मुख्यमंत्री बने दुष्यंत चौटाला के पिता है. जेजेपी अध्यक्ष ने शुक्रवार की देर रात गृह मंत्री अमित शाह के आवास पर उनसे मुलाकात कर बीजेपी को समर्थन देने की बात कही थी जिसके बाद शनिवार को अजय चौटाला को उनके अच्छे आचरण को ध्यान में रखते हुए 14 दिन की फरलो मिली है. अजय चौटाला आज सुबह की तिहाड़ जेल से फरलो पर बाहर आए हैं.

 

इस दौरान उन्होंने कहा,'एक पिता के लिए इससे बेहतर अवसर और क्या हो सकता है? कांग्रेस जो चाहे कहे, लेकिन यह सरकार 5 साल तक चलेगी और हरियाणा के विकास के लिए काम करेगी. इससे बेहतर दिवाली नहीं हो सकती थी.'

मनोहर लाल खट्टर 53 साल बाद लगातार दूसरी बार सीएम पद की शपथ लेने वाले पहले गैर कांग्रेसी नेता है. ऐसे में उनका शपथ ग्रहण समारोह को भव्य बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई. उनके शपथ ग्रहण समारोह में बीजेपी और उसके सहयोगी पार्टी के कई सीनियर नेता मंच पर नजर आए. मनोहर लाल खट्टर के शपथ ग्रहण सामरोह में अकाली दल के नेता प्रकाश सिंह बादल और सुखबीर सिंह बादल नजर आए. उनके साथ ही बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी मनोहर लाल खट्टर से शपथ ग्रहण समारोह में पहुंचे.

 

गुरूवार को हरियाणा विधानसभा चुनाव के नजीते आए थे. बीजेपी राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी लेकिन उसे सरकार बनाने के लिए पूर्ण बहुमत नहीं मिला था. बीजेपी को राज्य की 40 विधासभा सीटों पर जीत मिली थी जबकि 11 महीने पुरानी पार्टी जेजेपी 10 सीटें जीतने में सफल हुई थी. वहीं कांग्रेस 31 सीटें जीतने में सफल हुई थी बाकी की सीटों पर निर्दलीय विधायकों पर जीत हुई थी.

कुलदीप सेंगर के भाई का दिल्ली में दिल का दौरा पड़ने से निधन

First published: 27 October 2019, 15:44 IST
 
अगली कहानी