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मायावती का नसीमुद्दीन पर पलटवार- वो टैपिंग ब्लैकमेलर है

कैच ब्यूरो | Updated on: 12 May 2017, 9:00 IST
Mayawati

बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने बर्खास्त किए गए वरिष्ठ नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी को टैपिंग ब्लैकमेलर करार दिया है. उन्होंने कहा कि नसीमुद्दीन पार्टी की आड़ में धन उगाही कर रहे थे. मायावती ने नसीमुद्दीन सिद्दीकी द्वारा लगाये गए आरोपों पर सफाई देते हुए गुरुवार को लखनऊ में कहा कि लोगों ने उन्हें बताया कि नसीमुद्दीन सिद्दीकी ब्लैकमेलर है. वह लोगों को डराकर पैसों की उगाही करता है. पैसों के लिए पार्टी के लोगों को ब्लैकमेल करता था.

नसीमुद्दीन के आरोपों पर पलटवार करते हुए मायावती ने बताया, "पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों ने मुझसे कहा कि सिद्दीकी बहुत बड़ा ब्लैकमेलर है. पार्टी के बड़े लोगों की बातें टैप कर लेता है और लोगों से कहता है कि ये टेप हम बहनजी को सुना देंगे. बहनजी आपको पार्टी से निकाल देंगी. लोगों से पैसा लेता था. उन्हें डराता था. आज मुझे मालूम हुआ कि लोग जो कहते थे कि वो बहुत बड़ा ब्लैकमेलर है, वह साबित हो गया. उसने पार्टी अध्यक्ष की बातें भी टैप की थीं." 

'कूपन-किताबों का मांगा था हिसाब'

बसपा अध्यक्ष ने कहा कि मैंने मुस्लिम नेता से कूपन और किताबों का हिसाब मांगा था. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों ने बताया कि उन्होंने किताबों का पैसा नसीमुद्दीन और उनके लड़के को दिया है लेकिन उन्होंने पार्टी को अंधेरे में रखा और आधा-अधूरा ही पैसा जमा किया. लोगों को जोड़ने के लिए किताबें दी जाती हैं जिसका नसीमुद्दीन ने गलत इस्तेमाल किया.

उन्होंने कहा कि सिद्दीकी ने ज्यादा किताबें ली थीं. सारा पैसा बैंकों में नहीं जमा किया था. मायावती ने कहा, "पश्चिम यूपी में परिणाम के बाद मैंने पूछा कि किताबें कहां गईं. लोगों ने कहा, हमने सिद्दीकी को पैसा दे दिया, लेकिन उन्होंने पार्टी फंड में ये पैसा जमा नहीं किया. मैंने उन्हें बुलाकर पूछा कि पैसा कहां गया."

फाइल फोटो

'मैंने कहा- फालतू बातें मत करो'

मायावती ने बताया कि वह सीधा जवाब न देकर गोलमाल उत्तर देते रहे. मैंने उनसे कहा- पैसा लेकर आओ. वो फोन पर बात करते रहे. मैंने कहा, फालतू बातें मत करो. मेरा फोन टैप होता है. सेंट्रल गवर्नमेंट मेरा फोन टैप कराती है.

उन्होंने कहा मैंने नसीमुद्दीन सिद्दीकी की टेप की बातें सुनी हैं. टेप में काट-छांट की गई है. चुनाव से एक साल पहले ही हमने टिकट फाइनल करना शुरू कर दिया था. मैंने सभी टिकट फाइनल करने वालों से कहा था कि वो टिकट लेने वालों से मेंबरशिप की किताबें लेकर जमा करें.

मायावती ने कहा, "प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में बसपा ही नहीं, बाकी पार्टियों का भी परिणाम अच्छा नहीं आया. सिर्फ भाजपा आगे रही. ईवीएम की शिकायतें सामने आईं. इसके साथ ही चुनाव परिणाम आने के बाद अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए महसूस किया कि जिन नेताओं को चुनाव लड़ाने की जिम्मेदारी दी गई थी, उनकी भी समीक्षा करूं."

'वेस्ट यूपी में मुस्लिम वोट नहीं मिले'

बसपा अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी की हार के लिए भी नसीमु्द्दीन जिम्मेदार हैं. ईवीएम में गड़बड़ी तो हुई लेकिन पश्चिम उत्तर प्रदेश में मुस्लिम वोट हमें नहीं मिले. इसके लिए सिद्दीकी को लगाया था. उम्मीद थी कि वो मुस्लिम होने के नाते अपने समुदाय को पार्टी से जोड़ेंगे. वहां के लोगों ने शिकायत की कि आपने जिन लोगों को हमारे ऊपर बैठाया है अगर आप उन्हें नहीं हटाएंगी तो पार्टी को नुकसान हो जाएगा.

उन्होंने कहा कि वह अन्य पार्टियों की तरह धन्नासेठों और पूंजीपतियों से चुनाव लड़ने के लिए पैसा नहीं लेतीं. वह तो मेम्बरशिप के जरिये पार्टी चलाने के लिए पैसा इकट्ठा करती हैं. यह गरीबों की पार्टी है और नसीमुद्दीन को बकाया रकम की भरपाई करनी होगी.

First published: 12 May 2017, 9:00 IST
 
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