Home » राजनीति » Mayawati wants modi govt to take sympathetic view of Rohingyas
 

'रोहिंग्या मुसलमानों पर राज्यों को सख्त रुख अपनाने को मजबूर न करे मोदी सरकार'

कैच ब्यूरो | Updated on: 13 September 2017, 17:03 IST

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती ने भारत में शरणार्थी के तौर पर रह रहे रोहिंग्या मुसलमान परिवारों के प्रति सहानुभूति व्यक्त की है. उन्होंने भारत सरकार से मांग की है कि उनके प्रति मानवता व इंसानियत के नाते सख्त रवैया नहीं अपनाना चाहिए और न ही राज्यों को इसके लिए मजबूर किया जाना चाहिए. 

मायावती ने कहा, "ऐसी परिस्थिति में अदालत की कार्रवाई अपनी जगह है, परंतु भारत सरकार को इन शरणार्थियों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण से व्यवहार करना चाहिए जैसा कि भारत की परंपरा रही है. इसके साथ ही, म्यांमार व बंगलादेश की सरकार से वार्ता करके रोहिंग्या मुसलमानों के मामले को सुलझाने का प्रयास करना चाहिए ताकि उनका अपने देश से पलायन भी रुक सके."

गौरतलब है कि म्यांमार के सीमावर्ती राज्य में अशांति के कारण लाखों रोहिंग्या मुसलमानों ने बांग्लादेश में शरण ली तथा कई हजार भारत के विभिन्न राज्यों में भी शरणार्थी बनकर रह रहे हैं. उनके प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार का रवैया पूरी तरह से स्पष्ट नहीं होने के कारण असमंजस की स्थिति है, जिसके संबंध में उच्चतम न्यायालय ने भी केंद्र सरकार से अपना रुख स्पष्ट करने को कहा है. 

गौरतलब है कि अगस्त में भारत के गृहराज्य मंत्री ने किरेन रिजिजू ने कहा था कि करीब 40 हजार से ज्यादा रोहिंग्या अवैध ढंग से भारत में रह रहे हैं. इनमें ज्यादातर लोग जम्मू, हैदराबाद, हारियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली एनसीआर और राजस्थान में रह रहे हैं. केंद्र ने राज्य सरकारों से ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें वापस भेजने के लिए कहा है.

First published: 13 September 2017, 17:03 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी