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MP: शिवराज के 'शांति उपवास' के बीच कृषि मंत्री का बेतुका बयान

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 June 2017, 15:41 IST
उपवास के दौरान किसानों से मुलाकात करते मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान/ ट्विटर

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य में किसान आंदोलन के हिंसक मोड़ लेने के बाद गांधीगीरी का रास्ता अपनाया है. राजधानी भोपाल में शिवराज ने शांति बहाली के लिए उपवास शुरू कर दिया है. वहीं दूसरी ओर उन्हीं की सरकार में कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने किसानों की कर्ज़माफी को लेकर बड़ा बयान दिया है.

कर्जमाफी को लेकर एमपी में चल रहे किसानों के आंदोलन पर उन्होंने कहा, "मध्य प्रदेश में किसान का कर्ज माफ करने का मतलब ही नहीं बनता, जब हमने किसान से ब्याज नहीं लिया, तो किस बात का कर्ज माफ होगा?"

एमपी में किसान आंदोलन की आग

मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले दस दिनों से किसान आंदोलन की आग फैली हुई है. मंगलवार को मंदसौर में हुई पुलिस फायरिंग में 5 किसानों की मौत हो गई.  इसके बाद गुस्साए किसानों ने आंदोलन को और तेज़ कर दिया है. मंदसौर के अलावा मध्य प्रदेश के सीहोर, फंदा और कई जगहों पर किसान लगातार विरोध कर रहे हैं.

मंदसौर में किसानों ने उग्र प्रदर्शन के बाद अब मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान राज्य में शांति बहाली के लिए शनिवार से अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठ गए हैं. शिवराज भोपाल के दशहरा ग्राउंड में उपवास पर बैठे हैं. 

शिवराज का अनशन

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट करते हुए कहा है कि उनका अनशन हिंसा के खिलाफ है. मध्य प्रदेश की सरकार किसानों के हक में काम करती रहेगी. सीएम शिवराज ने साथ ही किसानों से अपील की है कि बातचीत के जरिए मामले का समाधान किया जा सकता है.

सीएम ने कहा है कि सरकार बातचीत के लिए हमेशा तैयार है. हिंसा से किसी मामले का समाधान नहीं हो सकता. इस दौरान  शिवराज ने राज्य के अलग-अलग हिस्सों से आए किसानों और प्रतिनिधियों से दशहरा ग्राउंड में मुलाकात की. 

शिवराज का किसानों को संबोधन  

  • आंदोलन तब जायज़ है, जब सरकार न सुने. मैं आपसे चर्चा के लिए बैठा हूं. आइये, बात करें.
  • एक हज़ार करोड़ से मूल्य स्थिरीकरण कोष बनाया जा रहा है, ताकि किसान को सही कीमत मिले.
  • किसानों को उपज का लाभकारी मूल्य देने में हमारी सरकार कभी पीछे नहीं रहेगी.
  • ग्रीष्मकालीन मूंग की दाल 5,225 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदेंगे.
  • किसान को लाभकारी मूल्य देने में हम पीछे नहीं हटेंगे.
  • आज पूरे प्रदेश के किसान भाइयों से कह रहा हूं कि तुअर की दाल रु 5050 प्रति क्विंटल की दर से 10 जून से खरीदेंगे.
  • मेरे किसान भाइयों घबराना मत 8 रुपये प्रति किलो की दर से एक-एक प्याज़ खरीदा जाएगा.
  • एक लाख क्विंटल प्याज हमने पिछले साल खरीदा. इस बार भी बम्पर पैदावार हुई है.
  • पिछले साल प्याज की कीमत गिरी, तो मांग नहीं आयी, फिर भी हमने 6 रुपये प्रति किलो की दर से ख़रीदा.
  • जब भी ओला, पाला या कोई संकट आया मैं सीएम हाउस में नहीं बैठा, खेतों तक गया, आपके बीच गया.
First published: 10 June 2017, 12:32 IST
 
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