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मुलायम ने रामगोपाल को किया बर्खास्त, 5 जनवरी को बुलाई राष्‍ट्रीय अधिवेशन की बैठक

कैच ब्यूरो | Updated on: 1 January 2017, 16:53 IST
(कैच)

उत्तर प्रदेश में खुद के पार्टी अध्यक्ष पद से बेदखल हुए मुलायम सिंह ने रविवार को लखनऊ में हुए सम्‍मेलन के बाद एक पत्र जारी किया है जिसमें रामगोपाल द्वारा बुलाए गए पार्टी के अधिवेशन को असंवैधानिक ठहराया है.

इसके अलावा मुलायम ने अधिवेशन में हुई नियुक्तियों को भी अवैध करार दिया है. अखिलेश के फैसले से आहत मुलायम ने राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव को पार्टी से 6 साल के लिए तीसरी बार निष्‍कासित कर दिया है.

इसके अलावा मुलायम सिंह ने रामगोपाल और अखिलेश के अधिवेशन को खारिज करते हुए आगामी 5 जनवरी को दोबारा सपा का अधिवेशन बुलाया है.

इससे पूर्व लखनऊ में जनेश्‍वर मिश्रा पार्क में रामगोपाल के बुलावे पर हुए सपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में रामगोपाल यादव के प्रस्ताव पर सीएम अखिलेश यादव को पार्टी का राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष चुन लिया गया था.

इस पार्टी अधिवेशन में महासचिव रामगोपाल यादव ने मुलायम सिंह की जगह अखिलेश यादव को राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष बनाने के अलावा मुलायम सिंह को पार्टी का मार्गदर्शक भी बना दिया.

इसके साथ ही उन्होंने शिवपाल यादव को सपा प्रदेश अध्‍यक्ष पद से हटाने और पार्टी महासचिव अमर सिंह यादव को पार्टी से निष्‍कासित भी कर दिया.

इस सम्‍मेलन में जहां अखिलेश अपना शक्ति प्रदर्शन कर रहे थे, वहीं शिवपाल और मुलायम सिंह यादव ने दूरी बनाते हुए इसमें शामिल ना होने के लिए कार्यकर्ताओं को भी निर्देश जारी किए थे.

बताया जा रहा है कि एक तरफ सम्‍मेलन चल रहा था वहीं मुलायम सिंह और शिवपाल के बीच बैठक भी जारी थी. इस बैठक में कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रजापति भी मौजूद थे.

इससे पहले पार्टी में चले घटनाक्रम को लेकर अमर सिंह का भी बयान आया कि वह पार्टी के लिए बलिदान देने के लिए तैयार हैं.

अमर सिंह ने अखिलेश यादव और रामगोपाल के निष्कासन को वापस लेने के फैसले को सही बताते हुए कहा था कि नेताजी ने पार्टी एवं परिवार को तोड़ने की साजिश नाकाम कर दी है.

उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह ने सही फैसला लिया है. मैं समाजवादी पार्टी को टूटने नहीं दूंगा. विरोधियों की साजिश नाकाम हो गई है.

अमर सिंह ने कहा कि अगर कोई अब भी मेरी वजह से दुखी है तो मैं कहना चाहता हूं कि मैं एसपी परिवार और कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने के लिए अपना बलिदान देने को तैयार हूं.

उन्होंने कहा कि कुछ लोग मेरे नाम पर गंदे पोस्टर लगा रहे हैं. यूपी में जगह-जगह मेरे पुतले जलाए जा रहे हैं. कुछ लोग मुझे इतना ताकतवर बता रहे हैं कि मैं दुनिया के किसी कोने में रहकर बहुत बड़े शासन में उथल-पुथल कर सकता हूं. मुझे माफ करें, अनावश्यक रूप से मुझे कलह का कारण बताकर मुझे खलनायक बनाने की कोशिश से मुझे बचाएं मुलायम सिंह जी.

वहीं दूसरी ओर यह भी कहा जा रहा है कि नेताजी के आदेश पर शिवपाल इस सम्मेलन और फैसलों के खिलाफ अदालत की शरण ले सकते हैं. होने को यह भी हो सकता है कि मुलायम सिंह राजनीति छोड़ने की घोषणा करते हुए अखिलेश और शिवपाल को एक साथ मिलकर पार्टी आगे बढ़ाने का फरमान सुना दें.

First published: 1 January 2017, 16:53 IST
 
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