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रामगोपाल की वापसी को मुलायम की लाल झंडी, अखिलेश अड़े

कैच ब्यूरो | Updated on: 26 October 2016, 10:06 IST
(एजेंसी)

मुलायम सिंह यादव के परिवार में मचा घमासान दिन-प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है. सत्ता की बाजीगरी में पिता मुलायम और पुत्र अखिलेश एक दूसरे को शह-मात देने के चक्कर में लगे हुए हैं.

सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव की इच्छा है कि सपा प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव की अखिलेश सरकार में दोबारा वापसी हो और मंत्री बनें. हालांकि मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुलायम ने कहा कि इसका फैसला वह मुख्यमंत्री पर छोड़ते हैं.

दरअसल अखिलेश यादव पार्टी से निकाले गए पूर्व राष्ट्रीय महासचिव प्रोफेसर रामगोपाल यादव की वापसी चाहते हैं, लेकिन बताया जा रहा है कि नेता जी इसके बिल्कुल खिलाफ हैं और रामगोपाल को पार्टी में वापस न लेने के लिए अड़े हैं.

बताया जा रहा है कि पार्टी से निकाले जाने के बाद रामगोपाल की बयानबाजी से मुलायम सिंह बहुत गुस्से में हैं. रामगोपाल ने मुलायम सिंह यादव के उस बयान को मूर्खतापूर्ण बताया जिसमें उन्होंने कहा था कि अमर सिंह ने उन्हें कई बार बचाया है.

रामगोपाल ने कहा था कि मुलायम सिंह यादव ने जो कहा वो एक नॉनसेंस स्टेटमेंट है. उनको कहने से पहले सोचना चाहिए था कि वो क्या कहना चाहते हैं? क्या वो ये कहना चाहते हैं कि अमर सिंह ने सुप्रीम कोर्ट और सीबीआई को मैनेज कर लिया?

वहीं सीएम अखिलेश यादव ने सपा में चल रहे इस घमासान के लिए अमर सिंह को ज़िम्मेदार ठहराया है. अखिलेश ने कहा कि इस पूरे खेल के पीछे अमर सिंह हैं और वो मुलायम सिंह के साथ अपनी दोस्ती का फ़ायदा उठा रहे हैं. हालांकि मुलायम ने मंगलवार को कहा कि अमर सिंह पर कोई कार्रवाई नहीं होगी.

अखिलेश का कहना है कि इस पूरे विवाद में रामगोपाल यादव की कहीं कोई भूमिका नहीं है और न ही उन्होंने मंत्रियों को हटाने की सलाह दी.

गौरतलब है कि सपा को नुकसान पहुंचाने और बीजेपी से साठगांठ करने के आरोप में रामगोपाल यादव को रविवार को समाजवादी पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया गया था. इसके बाद रोमगोपाल यादव ने कहा था कि मुलायम अपने बेटे अखिलेश यादव की लोकप्रियता से जलते हैं.

First published: 26 October 2016, 10:06 IST
 
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