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मुलायम सिंह यादव: समाजवादी पार्टी मेरी, साइकिल सिंबल भी मेरा

कैच ब्यूरो | Updated on: 2 January 2017, 10:51 IST
(फाइल फोटो)

समाजवादी पार्टी में अब चुनाव चिह्न साइकिल के लिए घमासान शुरू हो गया है. मुलायम सिंह ने शुक्रवार की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद पहली बार मीडिया से अपने आवास के बाहर निकलकर बात की. मुलायम ने इस दौरान सपा में चल रहे घमासान पर प्रतिक्रिया दी. 

मुलायम ने इस दौरान कहा, "मैं अस्वस्थ नहीं हूं. मैं पूरी तरह से स्वस्थ हूं." दिल्ली रवाना होने से पहले मीडिया से बातचीत करते हुए मुलायम ने कहा, "मीडिया ने हमेशा मेरा साथ दिया है. मैंने कोई भ्रष्टाचार या गलत काम नहीं किया. इल्जाम लगा भी तो सुप्रीम कोर्ट ने मुझे बरी किया है. 

मुलायम सिंह ने पार्टी और चुनाव चिह्न पर अपना मजबूत दावा बताते हुए कहा, "समाजवादी पार्टी मेरी है और इसका चुनाव चिह्न भी मेरा है." सपा के चुनाव निशान साइकिल पर कब्जे पर जोेर आजमाइश के बीच मुलायम सिंह दिल्ली पहुंच चुके हैं. 

'मरते दम तक नेताजी के साथ'

सपा में चल रहे दंगल के बीच शिवपाल यादव ने कहा है, "नेताजी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे और रहेंगे. मैं प्रदेश अध्यक्ष हूं. मैं मरते दम तक नेताजी के साथ रहूंगा."

इस बीच अखिलेश यादव ने लखनऊ में अपने करीबी विधायकों और नेताओं के साथ बैठक की. साइकिल के इस संघर्ष में अखिलेश के समर्थक एमएलसी उदयवीर सिंह का कहना है, "हम अखिलेश के नाम पर चुनाव लड़ेंगे. सीएम अखिलेश खुद में ब्रांड हैं. हमें उम्मीद है कि नेताजी समझाने पर मान जाएंगे."

इससे पहले शिवपाल यादव ने ट्वीट किया था कि नेताजी के द्वारा बुलाया गया पांच जनवरी का राष्ट्रीय अधिवेशन स्थगित कर दिया गया है. शिवपाल ने इस ट्वीट में कार्यकर्ताओं और नेताओं से अपने क्षेत्र में चुनाव की तैयारियों में जुटने की अपील की थी.

अखिलेश: मैंने कड़ा फैसला लिया

रविवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सपा में चल रहे विवाद पर ट्वीट किया था. अखिलेश ने इस ट्वीट में कहा," कई बार जिनको आप प्यार करते हैं उनकी रक्षा करने के लिए आपको सही फैसला लेना पड़ता है. आज मैंने जो किया वह एक कड़ा फैसला था, लेकिन ऐसा करना जरूरी था. 

गौरतलब है कि रविवार को रामगोपाल यादव के बुलाए सपा के आपातकालीन राष्ट्रीय अधिवेशन में अखिलेश यादव को सपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव पास हुआ था. इसके अलावा शिवपाल यादव को प्रदेश अध्यक्ष से हटाने, अमर सिंह को पार्टी से बाहर करने के साथ ही मुलायम सिंह यादव को सपा का चीफ रहनुमा (मार्गदर्शक) बनाने का प्रस्ताव भी पास किया गया था. हालांकि इसके ठीक बाद मुलायम सिंह ने एक खत जारी करते हुए सम्मेलन में लिए गए फैसलों को असंवैधानिक करार दिया था.

First published: 2 January 2017, 10:51 IST
 
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