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नोटबंदी के मुद्दे पर ममता बनर्जी आ सकती हैं लेफ्ट के साथ

कैच ब्यूरो | Updated on: 13 November 2016, 12:34 IST
(कैच)

मोदी सरकार के नोट बैन के फैसले का विरोध करने के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सीपीएम के साथ मिलकर इस मुद्दे का विरोध करने को तैयार हैं.

तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष और बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने शनिवार को कहा है कि केंद्र सरकार द्वारा 500 और 1000 रुपये के नोट अचानक बंद करने के फैसले को कतई सही नहीं कहा जा सकता है.

इस मुद्दे पर जनता की भलाई और आर्थिक संकट से उन्हें उबारने के लिए वह सीपीएम (मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी) के साथ काम करने को तैयार हैं.

यह बेहद आश्चर्य की बात है कि नोटबंदी के मुद्दे पर सीएम ममता अपने प्रमुख विरोधी सीपीएम के साथ मिलकर खड़ी होने को तैयार हैं, जबकि उन्हीं ममता बनर्जी ने बंगाल से सीपीएम के लंबे शासनकाल को उखाड़ फेंका था.

ममता ने कहा कि केंद्र का यह ‘काला’ राजनीतिक फैसला आम लोगों के खिलाफ है. इसलिए इसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए.

ममता ने इस मुद्दे पर एक कविता भी लिखी है. उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि इस जनविरोधी काले राजनीतिक फैसले को फौरन वापस लें.

उन्होंने कहा कि देशभर के बाजार डूब रहे हैं, लोगों की खरीदने की क्षमता ढह रही है और उनको तकलीफ हो रही है.

कोलकाता में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ममता बनर्जी ने कहा, "हमारे सीपीएम के साथ वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन देश बचाने के लिए हम कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, बसपा के साथ काम करने को तैयार हैं."

इसके साथ ही ममता ने 16 नवंबर से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र में विपक्ष द्वारा सरकार के नोटबंदी के फैसले को उठाने की भी मांग की.

ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री मोदी का मखौल उड़ाते हुए कहा कि देश के लोगों को गरीब बनाकर मोदी जी सैर करने के लिए जापान चले गए हैं.

First published: 13 November 2016, 12:34 IST
 
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