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नोटबंदी: जेडीयू का आरोप, फ़ैसले से पहले बीजेपी ने किए ज़मीन के 23 सौदे

कैच ब्यूरो | Updated on: 7 February 2017, 8:19 IST
(पीटीआई)

नोटबंदी के बाद भारतीय जनता पार्टी की बिहार इकाई द्वारा विभिन्न जगहों पर खरीदी गई जमीन के सिलसिले में सत्ताधारी जनता दल यूनाइटेड ने आरोप लगाया है कि मोदी सरकार के द्वारा 500 और 1000 रुपये के नोटो को प्रतिबंधित किये जाने की जानकारी प्रदेश बीजेपी को पहले से थी. जेडीयू का कहना है कि यही वजह है कि फैसले से पहले बीजेपी ने राज्‍य में पार्टी कार्यालयों के कई जमीनें खरीदीं.

जेडीयू के प्रवक्ता नीरज कुमार ने आरोप लगाया कि जमीन खरीद का समय यह बताने के लिए काफी है कि केंद्र के फैसले की जानकारी बीजेपी की प्रदेश इकाई को पहले से दे दी गई थी. जिसकी वजह से इस साल के अगस्‍त और सितंबर के बीच बिहार बीजेपी ने जमीन के 23 सौदे किए.

इन आरोपों के अलावा जेडीयू ने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी ने कुछ जमीनों की खरीद में सर्किल रेट से कम भुगतान किया है.

वहीं बीजेपी ने इन आरोपों को नकराते हुए कहा कि उसके पास जमीन खरीद के सभी कानूनी दस्‍तावेज हैं और इनका भुगतान बाकायदा चेक से किया गया है, इसलिए विपक्ष के काले धन का आरोप पूरी तरह से गलत है.

बिहार के बीजेपी अध्यक्ष मंगल पांडे ने कहा कि बीजेपी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अमित शाह ने पार्टी की सभी इकाइयों को हर जगह पार्टी कार्यालय बनाने के लिए प्‍लॉट देखने का आदेश दिया था.

पांडे ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के द्वारा न केवल बिहार में बल्कि अन्‍य राज्‍यों में भी कार्यालय के लिए भूमि खरीदी गई है.

बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील मोदी ने कहा, "राहुल गांधी का कहना है कि नोटबंदी के फैसले के बारे में जब वित्‍त मंत्री अरुण जेटली को जानकारी नहीं थी, तो अन्य किसी को तो होने का सवाल ही नहीं है."

First published: 26 November 2016, 10:30 IST
 
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