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नोटबंदी: मोदी का विपक्ष पर पलटवार, कहा- भ्रष्टाचार बंद हो या भारत बंद?

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 November 2016, 7:28 IST
(एएनआई)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 'मन की बात' कार्यक्रम के प्रसारण के बाद उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले पहुंचे.

पीएम मोदी ने परिवर्तन रैली को संबोधित करते हुए कहा कि यूपी में अब परिवर्तन का समय आ गया है और जनता इसकी तैयारी में अभी से जुट जाये.

नोटबंदी के बाद पीएम मोदी की यह यूपी में दूसरी परिवर्तन रैली थी. इससे पूर्व उन्होंने गाजीपुर में परिवर्तन रैली की थी.

पीएम ने नोटबंदी पर कहा कि पिछले 70 साल से इस देश को भ्रष्टाचार और कालेधन ने बर्बाद किया है. हमारी सरकार ने भ्रष्टाचार और कालेधन को रोकने के लिए ही नोटबंदी लागू किया. इस फैसले से बड़े को बड़ी तकलीफ होगी, छोटे को छोटी तकलीफ होगी.

पीएम ने नोटबंदी के मुद्दे पर विपक्ष के भारत बंद पर हमला करते हुए कहा कि भारत बंद करने पर जनता से पूछा कि भ्रष्टाचार बंद हो या भारत बंद हो? हम कालेधन का रास्ता बंद कर रहे हैं.

मोदी ने कहा कि वो देश को बंद करने में लगे हैं. 70 साल से देश के गरीब को लूटा. अब देश को नहीं लूटने देंगे. बिना पैसे के कारोबार चलाने की दिशा में सारी दुनिया चल पड़ी है, हम पीछे रह गए हैं, लेकिन अब भारत पीछे नहीं रहेगा.

70 सालों तक की लूट का पैसा निकालकर गरीबों को बिजली और दवाई लाएंगे, आप सहयोग कीजिए देश में अब भ्रष्टाचार नहीं आने पाएगा.

रैली की शुरुआत में मोदी ने कहा कि इतनी भीड़ तो तब भी नहीं आई थी, जब मैंने काशी से चुनाव लड़ा था.

उन्होंने कहा कि दिल्ली की सरकार दलित, किसान, शोषित और गरीबों को समर्पित है. जनता का कष्ट हमारा कष्ट है. आपने मुझे इतना दिया है कि मैं कर्ज चुकाने आया हूं. जनता की समस्याएं दूर करना जिम्मेदारी है. जनता देने वाली है, हम तो सेवक हैं.

पीएम ने कहा कि अगर गरीब-किसान के जीवन में बदलाव आया होता तो हिंदुस्तान को कभी मुश्किल नहीं होती. गांव का विकास होता तो इतनी मुश्किलें नहीं होतीं. मजबूत किसान और गांव देश को मजबूत बनाते हैं.

अखिलेश सरकार पर हमला करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि लखनऊ की सरकार को गन्ना किसानों को परवाह नहीं. जब हमारी सरकार ने कार्यभार संभाला, गन्ना किसानों के 22,000 करोड़ रुपये बकाया थे.

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने सुनिश्चित किया कि उन्हें समय पर भुगतान मिले. अब सिर्फ इतना है जिसे उंगलियों पर गिना जा सके. गन्ना किसानों के बकाए का पैकेज मिल मालिकों को नहीं दिया, पैसा सीधा किसान के खाते में दिया.

First published: 28 November 2016, 7:28 IST
 
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