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पन्नीरसेल्वम की बग़ावत: क्या 45 साल बाद तमिलनाडु इतिहास दोहराने के क़रीब है?

सुधाकर सिंह | Updated on: 8 February 2017, 9:32 IST
(ट्विटर)

एक पुरानी कहावत है कि इतिहास अपने आप को दोहराता है. तो क्या तमिलनाडु भी 45 साल के बाद एक बार फिर इतिहास दोहराने के करीब है? यह सवाल इसलिए उठ रहा है कि ठीक 45 साल पहले एमजी रामचंद्रन (एमजीआर) को जब डीएमके ने कोषाध्यक्ष पद से हटाया था, तो उन्होंने नई पार्टी एआईएडीएमके बनाते हुए राज्य के मुख्यमंत्री की कुर्सी हासिल की थी. 

मंगलवार को चेन्नई में हुए घटनाक्रम एक बार फिर कुछ ऐसा ही इशारा कर रहे हैं. शशिकला को एआईएडीएमके की कमान मिलने के बाद रविवार को ओ पन्नीरसेल्वम ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा दिया था. इसी दिन एआईएडीएमके विधायकों की बैठक के बाद शशिकला को विधायक दल का नेता चुनते हुए सीएम की कुर्सी संभालने को कहा गया था. लेकिन ठीक दो दिन बाद पन्नीरसेल्वम ने बगावत कर दी है. 

सीएम अन्नादुरै के निधन के तीन साल बाद 1972 में एमजीआर को जब कोषाध्यक्ष पद से हटाया गया था, तो उन्होंने करुणानिधि की अगुवाई वाली डीएमके को अलविदा कह दिया था. इसके पांच साल के बाद 1977 में हुए चुनाव में उनकी नई-नवेली पार्टी एआईएडीएमके ने राज्य की सत्ता हासिल कर ली थी. वह भारत के किसी राज्य के सीएम बनने वाले पहले अभिनेता थे. इसके बाद जो हुआ वह इतिहास का हिस्सा है.

'अम्मा की आत्मा ने की मुझसे बात'

मंगलवार को चले हाई वोल्टेज ड्रामे के बीच शशिकला का शपथ ग्रहण नहीं हो सका. मंगलवार शाम को मरीना बीच पर दिवंगत पूर्व सीएम जयललिता की समाधि पर 40 मिनट गुज़ारने के बाद जब पन्नीरसेल्वम ने पत्रकारों से बात की, तो यह तय हो गया कि एआईएडीएमके में अम्मा की विरासत को शशिकला आसानी से हासिल नहीं कर पाएंगी. 

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ओ पन्नीरसेल्वम मरीना बीच पर जयललिता की समाधि के पास मौन होकर बैठ गए. इसके बाद जब पन्नीरसेल्वम वहां से उठे तो उन्होंने कहा कि जयललिता की आत्मा ने मुझसे बात की है. उन्होंने मुझे जनता से सच बताने को कहा है. 

'मैंने दबाव में दिया इस्तीफा'

पन्नीरसेल्वम ने इस दौरान कहा कि शशिकला खेमे ने दबाव बनाकर उनसे इस्तीफा लिया है. अम्मा चाहती थीं कि उनकी गैरहाजिरी में मैं ही राज्य की जिम्मेदारी संभालूं.  

पन्नीरसेल्वम ने यह भी कहा कि वह रोज अपोलो अस्पताल में जयललिता की सेहत के बारे में जानकारी के लिए जाते थे, लेकिन एक भी बार उन्हें अम्मा से नहीं मिलने दिया गया. 

शशिकला का नहीं हो सका शपथग्रहण

पनीरसेल्वम ने कहा कि अगर पार्टी कार्यकर्ता चाहें तो वह मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा वापस ले सकते हैं. वहीं शशिकला ने पन्नीरसेल्वम के  के आरोपों को विपक्ष की साजिश बताते हुए कहा कि ऐसा लगता है जैसे वो किसी के इशारे पर काम कर रहे हैं. पार्टी में सब ठीक है. 

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इस बीच शशिकला के शपथग्रहण पर भी सस्पेंस बना हुआ है. पहले खबर थी कि मंगलवार सुबह उनका शपथग्रहण होगा, लेकिन देर शाम तक राजभवन से हरी झंडी नहीं मिल सकी. पन्नीरसेल्वम का बयान सामने आने के बाद अब माना जा रहा है कि एआईएडीएमके में वर्चस्व की जंग देखने को मिलेगी.

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पार्टी से निष्कासित पन्नीरसेल्वम

तमिलनाडु में सियासी घटनाक्रम तेजी से बदल रहा है. पन्नीरसेल्वम का बयान सामने आने के बाद ही चेन्नई के पोएस गार्डन में शशिकला ने आपात बैठक बुलाई. इसके बाद पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में शशिकला ने पन्नीरसेल्वम को पार्टी से निष्कासित कर दिया है. 

इससे पहले उन्हें एआईएडीएमके कोषाध्यक्ष पद से हटाया दिया गया. उनकी जगह पर डिंडीगुल श्रीनिवासन को नया कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है. वहीं एआईएडीएमके से निष्कासित सांसद शशिकला पुष्पा ने पन्नीरसेल्वम का समर्थन किया है. समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा, "इस कदम का स्वागत करती हूं. बहुत खुश हूं. सच कभी बेकार नहीं जाता." 

ओ पन्नीरसेल्वम, जयललिता की गैर मौजूदगी में तीन बार राज्य के मुख्यमंत्री बन चुके हैं. 2001 में पन्नीसेल्वम 21 सितंबर से मार्च 2002 तक पहली बार 161 दिनों के लिए सीएम बने. दूसरी बार वे 29 सितंबर, 2014 से 22 मई 2015 तक 235 दिनों के लिए मुख्यमंत्री बने. जयललिता के निधन के बाद 6 दिसंबर, 2016 को पन्नीसेल्वम ने तीसरी बार सीएम की कुर्सी संभाली.

First published: 8 February 2017, 9:32 IST
 
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