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'विपक्ष राष्ट्रपति चुनाव के लिए एकजुट हो रहा था, इसलिए छापेमारी हुई'

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 May 2017, 17:14 IST

मंगलवार की सुबह पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम और राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के ठिकानों पर हुई छापेमारी के बाद तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं. विपक्ष दलों के कई नेताओं का कहना है कि यह कार्रवाई राष्ट्रपति चुनाव के ठीक पहले इसलिए की गई है ताकि वे एकजुट नहीं हो सकें.

सुबह के वक़्त हुई छापेमारी के बाद सबसे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कार्रवाई की मंशा पर सवाल उठाया था. सिंह ने कहा था कि राजनीतिक बदले की भावना के तहत यह छापेमारी की गई है.

राजद नेता रघुवंश प्रसाद ने कहा कि भाजपा विपक्ष की एकजुटता से घबरा गई है. इसलिए बदले की कार्रवाई की जा रही है. प्रसाद ने कहा कि हम इस कार्रवाई को बेनकाब करेंगे.

जदयू के वरिष्ठ नेता और पार्टी प्रवक्ता केसी त्यागी ने भी केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया है. उन्होंने कहा कि सीबीआई की छापेमारी ऐसे समय में की गई है, जब विपक्ष संयुक्त रूप से राष्ट्रपति चुनाव में प्रत्याशी उतारने की चर्चा कर रहा है. त्यागी ने स्पष्ट कहा कि विपक्ष की एकजुटता से भाजपा डर रही है और दुर्भावना से छापेमारी की जा रही है.

वहीं भाजपा नेता सुशील मोदी ने कहा, "मैंने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इस मामले को सार्वजनिक किया था. मैंने प्रेमचंद गुप्ता और लालू यादव का नाम लिया था. यह छापेमारी मेरी अपील के बाद हुई है. मुझे उम्मीद है कि नीतीश कुमार इसे बदले की भावना से की छापेमारी नहीं कहेंगे."

First published: 16 May 2017, 17:14 IST
 
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