सरकार की मुद्रा योजना की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि इस योजना के जरिये औसतन केवल 43,000 रुपये का कर्ज दिया जा रहा है. इतनी कम राशि में पकौड़े की दुकान खोलने के अलावा कोई बड़ा निवेश नहीं किया जा सकता.