Home » राजनीति » Panaji by-poll: Manohar Parrikar slams Saamna editorial and prime goa news as faking news
 

मनोहर पर्रिकर: सामना ने मेरे ख़िलाफ़ छापा फ़र्ज़ी संपादकीय

कैच ब्यूरो | Updated on: 21 August 2017, 11:18 IST
मनोहर पर्रिकर/ ट्विटर

गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने शिवसेना के मुखपत्र सामना में आलोचनात्मक संपादकीय को लेकर पलटवार किया है. गोवा के सीएम ने कहा कि शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' का संपादकीय 'फर्जी खबरों' पर आधारित है.

सामना के लेख में कहा गया था कि पर्रिकर ने कहा है कि 23 अगस्त के उप चुनाव में हारने का उन पर कोई असर नहीं पड़ेगा और वह फिर से केंद्र में लौटकर रक्षा मंत्रालय संभाल लेंगे. छात्रों के साथ शनिवार को बातचीत में पर्रिकर ने कहा कि इस फर्जी खबर के पीछे 'कांग्रेस के डर्टी ट्रिक्स विभाग' की साजिश है. उन्होंने कहा कि वह भारी अंतर से उप चुनाव जीतेंगे.

पर्रिकर ने छात्रों से कहा, "हमारे विरोधियों ने एक फर्जी खबर की साइट शुरू की है और मैंने किसी मीडिया से नहीं कहा है. मेरी किसी बात की कोई गलत व्याख्या नहीं हुई है क्योंकि मैंने कुछ कहा ही नहीं है. उन्होंने एक खबर पैदा की और इसे हर जगह फैला दिया. उन्होंने ऐसा 'प्राइम गोवा न्यूज' के नाम के जरिए किया."

 

पणजी उपचुनाव के लिए 23 अगस्त को मतदान से पहले प्रचार अभियान में जुटे मनोहर पर्रिकर.

स्थानीय केबल न्यूज चैनल 'प्राइम न्यूज गोवा' ने भी पुलिस व चुनाव अधिकारियों से शिकायत की है और इसे फर्जी खबर बताया है. मुख्यमंत्री की हार की बात करने वाली इस खबर को एक वेबसाइट के जरिए बनाया गया, जिसे न्यूज चैनल की फर्जी पहचान दे दी गई.

जिस वेबसाइट ने इस फर्जी खबर को फैलाया, वह वर्तमान में ऑफलाइन हो गई है. पर्रिकर ने कहा, "मैं हर जगह जाकर नहीं बता सकता कि खबर फर्जी है. लेकिन यह इंटरनेट और व्हाट्सऐप पर फैल गई. जो मुझसे कुढ़े बैठे हैं, उन्होंने इसे फैला दिया."

सामना के शुक्रवार के संस्करण में कहा गया था, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पर्रिकर को गोवा के मुख्यमंत्री पद से उठाकर रक्षा मंत्रालय लाए, वहां विफल रहने के बाद वह फिर से राज्य में लौट गए. अब वह यह कह रहे हैं कि यदि वह उपचुनाव में वास्तव में हार गए तो वह केंद्र में रक्षा मंत्री के रूप में लौट आएंगे."

पर्रिकर ने छात्रों को दूसरी फर्जी खबरों को लेकर भी चेताया और कहा कि इस तरह की खबरें 23 अगस्त के उपचुनाव के समाप्त होने तक जारी रहेंगी. गौरतलब है कि मनोहर पर्रिकर पणजी उपचुनाव लड़ रहे हैं. मुख्यमंत्री बनने के बाद उनको विधानसभा की सदस्यता हासिल करना ज़रूरी है.

साभार: आईएएनएस

First published: 21 August 2017, 11:18 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी