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नोटबंदी की भेंट चढ़ा संसद सत्र, पीएम मोदी बोले- सत्ता पक्ष की हमने बदली छवि

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 December 2016, 11:21 IST
(एजेंसी)

संसद के शीतकालीन सत्र का आज आखिरी दिन है. संसद का यह सत्र नोटबंदी की भेट चढ़ गया.  इस सत्र में विधायी कार्य के साथ ही सदन का सामान्य कामकाज भी नहीं हो सका. सरकार और विपक्ष के बीच पूरे सत्र में गतिरोध जारी रहा.

संसद में मोदी सरकार की नोटबंदी पर मचे घमासान के बीच अंतिम दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में भाजपा संसदीय दल की बैठक हुई. इस दौरान कैशलेस अर्थव्यवस्था को लेकर केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद बैठक ने एक प्रेजेंटेशन दिया और डिजिटल रोडमैप पर बात की.  

बैठक के बाद संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार ने कहा, "प्रधानमंत्री ने देश के लोगों से अपील की है कि डिजिटल इकोनॉमी भी जीवन का हिस्सा होना चाहिए. यह पारदर्शी और प्रभावी रहेगा." 

इस दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने पार्टी के सांसदों से कहा कि वे जनता को डिजिटल लेनदेन के फायदों के बारे में बताते हुए जागरूक करें.

'पहले सत्ता पक्ष घोटाले करता था'

अनंत कुमार ने बैठक में पीएम के संबोधन के बारे में बताया, "आज 16 दिसंबर को बांगला विमोचन दिवस है, तब विपक्ष ने सबूत नहीं मांगा था, लेकिन आज विपक्ष सबूत मांगता है." 

साथ ही संसदीय कार्यमंत्री ने कहा, "पीएम ने कहा कि पहले सत्ता पक्ष घोटाले करता था, आज के दिन सत्ता पक्ष काले धन को लेकर काम कर रहा है."

राहुल का पीएम मोदी पर बड़ा हमला

गौरतलब है कि 16 नवंबर को शुरू हुए संसद के शीतकालीन सत्र का आज अंतिम दिन है. महीने भर से चल रहा ये सत्र पूरी तरह से नोटबंदी की भेंट चढ़ गया. 

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने इस दौरान यह भी आरोप लगाया कि उनके पास पीएम मोदी के निजी भ्रष्टाचार की जानकारी है, इस वजह से उन्हें संसद में बोलने से रोका जा रहा है. राहुल ने यह भी कहा था कि पीएम मोदी उनसे निजी तौर पर डरे हुए हैं और जब वो बोलेंगे तो पीएम का गुब्बारा फट जाएगा. 

संसद में संग्राम से आहत आडवाणी

वहीं बीजेपी लगातार कहती रही कि विपक्ष का मकसद मुद्दों को भटकाना है और वो चर्चा से भाग रही है. संसद नहीं चलने से आहत बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने टीएमसी सांसद से कहा कि ऐसे हालात उन्होंने कभी नहीं देखे और मन करता है कि इस्तीफा दे दूं. 

सांसद इदरीस अली के मुताबिक आडवाणी ने ये भी कहा कि पक्ष या विपक्ष कोई भी जीते लेकिन हार संसद की हो रही है. आडवाणी ने साथ ही कहा कि अगर आज अटल जी संसद में होते तो उन्हें बहुत दुख होता.

First published: 16 December 2016, 11:21 IST
 
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