Home » राजनीति » All BJP MPs and MLAs have to submit details of their bank accounts to Amit Shah by Jan 1, 2017
 

पीएम ने नोटबंदी के बाद सभी BJP सांसदों और विधायकों से मांगा बैंक खातों का ब्यौरा

कैच ब्यूरो | Updated on: 29 November 2016, 11:40 IST
(कैच)

आठ नवंबर को नोटबंदी के फैसले के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार विपक्ष के निशाने पर हैं. संसद से लेकर सड़क तक सरकार के इस फैसले के खिलाफ ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल के साथ ही कांग्रेस भी पीएम मोदी को घेरने में जुटी है.

विपक्ष की एक मांग यह भी है कि बीजेपी पिछले 10 महीने के अपने लेन-देन का हिसाब दे. बंगाल में नोटबंदी से पहले तीन करोड़ रुपये पार्टी के खाते में जमा होने का मामला भी काफी तूल पकड़ चुका है. इस बीच दिल्ली में बीजेपी संसदीय दल की बैठक हुई, जिसमें पीएम मोदी भी शामिल हुए.

अमित शाह को 1 जनवरी तक देना होगा ब्यौरा

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय जनता पार्टी के सभी सांसदों और विधायकों से आठ नवंबर से 31 दिसंबर के बीच अपने बैंक खातों से हुए लेन-देन का ब्यौरा देने को कहा है.

सूत्रों के मुताबिक पीएम मोदी ने सभी सांसदों और विधायकों को एक जनवरी 2017 तक बैंक खातों की डीटेल भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को सौंपने के निर्देश दिए हैं.

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विपक्ष के निशाने पर पीएम मोदी

आठ नवंबर को पीएम मोदी ने पांच सौ और एक हजार के पुराने नोट बंद करने की घोषणा की थी. विपक्ष का आरोप है कि मोदी के करीबी उद्योगपतियों के अलावा बीजेपी को भी फैसले की पहले से जानकारी थी. दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया था कि बीजेपी ने अपना और करीबियों का काला धन फैसले से पहले ही ठिकाने लगा दिया.

हाल ही में बिहार में बीजेपी की लैंडडील के बारे में भी कैच ने खुलासा किया था. इसको लेकर भी सरकार विपक्ष के निशाने पर है. कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने जमीनों की खरीद पर कहा था कि इससे जेपीसी जांच की मांग और मजबूत होती है.

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आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने नोटबंदी के फैसले को आजाद भारत के इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला करार देते हुए इसे अाठ लाख करोड़ का घोटाला बताया था. इसके साथ ही ममता बनर्जी ने भी पीएम मोदी को निशाने पर लेते हुए उनकी राजनीति उखाड़ फेंकने का एलान किया है.

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बंगाल बीजेपी के खाते में 3 करोड़ जमा

पीएम मोदी के 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट चलन से बाहर होने के एलान से ठीक पहले एक राष्ट्रीयकृत बैंक में बंगाल बीजेपी ने एक हजार और पांच सौ के पुराने नोट के जरिए एक करोड़ रुपये जमा कराए थे. स्वराज अभियान के नेता प्रशांत भूषण ने इसको लेकर बीजेपी पर सवाल उठाए हैं.

कुल तीन करोड़ रुपये की रकम चार बार जमा कराई गई. खास बात यह है कि आठ नवंबर को पीएम मोदी के एलान से चंद घंटे पहले भी 40 लाख रुपये जमा कराए गए. 

पढ़ें: नोटबंदी से ठीक पहले बंगाल बीजेपी ने 500-1000 के पुराने नोट से जमा किए 1 करोड़

सोशल मीडिया पर यह खबर आने के बाद अब मामले ने तूल पकड़ लिया है. बंगाल बीजेपी के इस खाते में आखिरी ट्रांजैक्शन 40 लाख रुपये का है, जो प्रधानमंत्री के भाषण से कुछ समय पहले किया गया है. 

अब इसे सुखद संयोग भी कहा जा सकता है कि पुराने नोट बंद होने से ठीक पहले बीजेपी की ओर से यह पैसा बैंक में जमा कराया गया. हालांकि इसको शक के तौर पर भी देखा जा रहा है.

8 नवंबर को 40 लाख जमा

प्रशांत भूषण ने ट्वीट में बैंक स्टेटमेंट की तस्वीर जारी करते हुए लिखा, "यह पश्चिम बंगाल बीजेपी का कोलकाता में इंडियन बैंक की सेंट्रल एवेन्यू शाखा का अकाउंट है, जहां पीएम मोदी के भाषण से चंद घंटे पहले एक करोड़ का कैश डिपॉजिट एक हजार के पुराने नोट के जरिए किया गया!"

इंडियन बैंक के सेंट्रल एवेन्यू ब्रांच ने पैसा जमा होने की पुष्टि भी की है. बैंक ने बताया कि ये 3 करोड़ रुपये चार बार में जमा कराए गए हैं.

कम्युनिस्ट पार्टी के मुखपत्र गणशक्ति में शुक्रवार को छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक बीजेपी ने 8 नवंबर को 60 लाख रुपये जमा कराए और उसके बाद 40 लाख रुपये जमा कराए. इस लेनदेन में 500 और 1,000 के नोट का इस्तेमाल किया गया.

First published: 29 November 2016, 11:40 IST
 
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