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ED के घेरे में मायावती के भाई आनंद, खाते में 1.43 करोड़, बसपा के अकाउंट में 104 करोड़

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 December 2016, 9:21 IST
(फाइल फोटो)

नोटबंदी के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने बसपा सुप्रीमो मायावती के भाई पर शिकंजा कसा है. ईडी ने मायावती के भाई आनंद कुमार की संपत्ति की तफ्तीश तेज कर दी है. दिल्ली के करोलबाग में यूनियन बैंक में दो खाते ऐसे मिले हैं, जिनमें करोड़ों की नकदी जमा हुई है. 

देर शाम तक चली ईडी की छापेमारी में सामने आया है कि बैंक में एक खाता मायावती के भाई आनंद के नाम था जिसमें एक करोड़ 43 लाख रुपये मिले हैं. इसके अलावा बसपा के एक खाते में 104 करोड़ रुपये का पता चला है.

बताया जा रहा है कि इन दोनों खातों में आठ नवंबर के बाद पैसे जमा किए गए. कई बार में यह रकम खाते में डाली गई. ईडी ने इसकी जानकारी आयकर विभाग को दे दी है. आईटी अफसर इस रकम की वैधता की जांच करेंगे. हालांकि इस छापेमारी के बाद कोई केस नहीं दर्ज किया गया है.  

बसपा के खाते में रोजाना 15-17 करोड़ जमा

ईडी को नोटबंदी के बाद इन खातों में ज्यादा रकम जमा होने की जानकारी मिली थी. बहुजन समाज पार्टी के खाते में 102 करोड़ रुपये 1000 रुपये की पुरानी करेंसी में जमा हुए. वहीं बाकी रकम 500 रुपये के पुराने नोटों में डिपॉजिट हुई.

तफ्तीश में सामने आया है कि नोटबंदी के बाद खाते में रोज 15-17 करोड़ रुपये जमा हो रहे थे. वहीं मायावती के भाई आनंद कुमार के खाते में जो 1.43 करोड़ रुपये जमा हुए हैं, उनमें से 18.98 लाख रुपये पुराने नोटों में जमा किए जाने की जानकारी मिल रही है.

बिल्डर्स से नजदीकियों का शक

ईडी ने बैंक से दोनों खातों का पूरा ब्यौरा तलब किया है. इसके साथ ही बैंक अफसरों से बैंक के अंदर लगे सीसीटीवी खंगालने और केवाईसी दस्तावेज भी देने को कहा गया है.

आयकर विभाग ने इसके साथ ही नोएडा के कई बिल्डर्स को नोटिस भी भेजा है. आरोप है कि मायावती के भाई आनंद कुमार ने निजी बिल्डरों से साठगांठ करके बेनामी संपत्ति बनाई है. 

सूत्रों के मुताबिक आनंद कुमार ने कुछ प्रोजेक्ट में निवेश भी किया है. अब आईटी डिपार्टमेंट ने बिल्डरों से जमीन के बारे में जवाब तलब किया है.

'मोदी-शाह के चेहरे का नूर उतरा'

नोटबंदी के फैसले पर बसपा सुप्रीमो ने मोदी सरकार को लगातार निशाने पर लिया है. सोमवार को भी मायावती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पीएम मोदी पर निशाना साधा. मायावती ने कहा कि नोटबंदी के बाद से पीएम मोदी के चेहरे का नूर उतर गया है.

दरअसल इसे बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के हमले का पलटवार माना जा रहा है. मायावती ने कहा कि नूर उनका नहीं, बल्कि अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चेहरे का उतर चुका है, क्योंकि नोटबंदी से देश की जनता को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. 

इसके साथ ही मायावती ने इस दौरान कहा कि सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन की कवायद के पीछे बीजेपी है, क्योंकि इससे मुस्लिम समाज का वोट बंट जाएगा. गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव में मायावती ने सवा सौ मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिया है. जानकार मानते हैं कि चुनाव में दलित-मुस्लिम समीकरण के सहारे बसपा बाजी फतह करने की जुगत में हैं.

First published: 27 December 2016, 9:21 IST
 
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