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72 घंटे में तय हो जाएगा देश का 14वां राष्ट्रपति कौन?

कैच ब्यूरो | Updated on: 17 July 2017, 17:15 IST
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देशभर में सांसदों और विधायकों ने सोमवार को 14वें राष्ट्रपति के चुनाव के लिए मतदान किया. इस बीच, केंद्रीय मंत्री एम. वेंकैया नायडू ने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद 'आराम से और सम्मानजनक अंतर से' विपक्षी उम्मीदवार मीरा कुमार से जीत जाएंगे.

निवर्तमान राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के उत्तराधिकारी के चयन के लिए मतदान सोमवार को सुबह 10 बजे ही शुरू हो गया. मतदान राष्ट्रीय राजधानी स्थित संसद भवन और विभिन्न राज्यों की विधानसभाओं में एक साथ शुरू हुआ, जो शाम पांच बजे ख़त्म हो गया.

इस चुनाव में सभी निर्वाचित सांसद और विधायक गोपनीय मत-पत्रों के जरिये अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने के योग्य हैं. संसद भवन के कक्ष क्रमांक 62 में मतदान केंद्र बनाया गया, जहां वोट डालने के लिए अपनी बारी की प्रतीक्षा करते सांसदों की लंबी कतार देखी गई. 

सियासी दिग्गजों ने दिल्ली में डाला वोट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष अमित शाह मतदान शुरू होने के शुरुआती घंटों में ही वोट डालने वालों में शामिल रहे. मोदी सफेद कुर्ता-पायजामा के ऊपर हल्के बादामी रंग की आधी आस्तीन वाला एक जैकेट पहने हुए मतदान के लिए संसद परिसर पहुंचे. संसद के तीन सप्ताह का मानसून सत्र भी सोमवार को ही शुरू हुआ.

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह सत्र देश में एक नई उम्मीद जगाएगा. उन्होंने कहा, "आज मानसून सत्र शुरू हो रहा है और जिस प्रकार मानसून आशाएं लाता है, उसी प्रकार यह सत्र भी आशा की वही भावना लाया है."

गुजरात से विधायक अमित शाह ने भी राष्ट्रपति चुनाव में अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उनके बेटे व पार्टी के उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी वोट डाले.

राज्य विधानसभाओं में भी विधायक और सांसद आगामी राष्ट्रपति के चुनाव के लिए वोट डालने को कतारबद्ध दिखे. केरल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, बिहार, उत्तर प्रदेश में मतदान की रफ्तार शुरुआती घंटों में काफी तेज रही. यहां शुरुआती तीन घंटों में सैकड़ों विधायकों ने वोट डाले.

दिल्ली के मुख्यमंत्री और उनकी आम आदमी पार्टी (आप) के अन्य विधायकों ने भी राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान किया. पंजाब में मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने मतदान से पहले सभी कांग्रेस विधायकों को सुबह के नाश्ते के लिए बुलाया था. बाद में इस मुद्दे पर बैठक के लिए कांग्रेस विधायक पंजाब भवन में इकट्ठा हुए.

हरियाणा विधानसभा में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक कमल गुप्ता और लतिका शर्मा शुरुआती घंटों में वोट डालने वालों में शामिल रहे.

तमिलनाडु में राजधानी चेन्नई स्थित विधानसभा परिसर में सबसे पहले वोट करने वालों में मुख्यमंत्री के. पलनीस्वामी शामिल रहे. उनके बाद विधानसभा अध्यक्ष पी. धनपाल, डीएमके के एम.के. स्टालिन, पूर्व मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम ने मतदान किया. 

20 जुलाई को आएगा रिजल्ट

निर्वाचन आयोग ने मतदान के लिए 32 केंद्र बनाए, जिनमें से एक संसद भवन के कक्ष क्रमांक 62 में और एक-एक विभिन्न राज्यों की विधानसभाओं में बनाए गए.

इस चुनाव के लिए 776 सांसद तथा 4,120 विधायक वोट देने के लिए पात्र हैं. निर्वाचक मंडल के कुल वोटों का मूल्य 10,98,882 है और राजग उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को 63 प्रतिशत वोट मिलने की संभावना है. मतपत्र 20 जुलाई की मतगणना के लिए दिल्ली लाए जाने हैं और परिणाम की घोषणा भी उसी दिन होगी.

बिहार के पूर्व राज्यपाल कोविंद को पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार के मुकाबले बढ़त हासिल है, क्योंकि संख्या बल सत्तारूढ़ राजग के पक्ष में है. भाजपा और उसके सहयोगियों के पास 63 प्रतिशत वोट हैं, जबकि कांग्रेस की अगुवाई वाले विपक्ष के पास 35 प्रतिशत से कुछ ही अधिक वोट प्राप्त है. निर्दलीय और छोटी पार्टियों के पास केवल दो प्रतिशत वोट हैं, जिन्होंने अपने विकल्पों का खुलकर एलान किया. 

दूसरा दलित राष्ट्रपति बनना तय

कोविंद यदि निर्वाचित होते हैं, वह के आर नारायणन के बाद देश के दूसरे दलित राष्ट्रपति होंगे. केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री वेंकैया नायडू ने मतदान से पहले कहा, "कोविंद जी आराम से और एक सम्मानजनक अंतर के साथ जीत जाएंगे."

वहीं, विपक्ष की उम्मीदवार मीरा कुमार ने कहा कि उन्होंने निर्वाचक मंडल के सदस्यों से 'अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनने' तथा देश के हित में वोट करने की अपील की है.

उन्होंने कहा, "हमारी विचारधारा, सामाजिक न्याय, समावेशीकरण, धर्मनिरपेक्षता, पारदर्शिता, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, प्रेस की आजादी और जाति-व्यस्था के उन्मूलन की है. यही विचारधारा भारत को साथ जोड़ती है. इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि हम इसकी रक्षा करें और इसे संरक्षित रखें."

उनके बेटे अंशुल कुमार ने भी कहा कि यह निजी लड़ाई नहीं, बल्कि विचारधारा की जंग है. 

(स्रोत- आईएएनएस)

First published: 17 July 2017, 17:15 IST
 
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