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'अगस्त क्रांति' पर संग्राम: सोनिया ने RSS को छेड़ा, मोदी ने नेहरू को छोड़ा

कैच ब्यूरो | Updated on: 9 August 2017, 17:35 IST
ट्विटर/ कांग्रेस

भारत छोड़ो आंदोलन के 75 साल पूरे होने पर संसद के विशेष सत्र के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर इशारों में निशाना साधा. सोनिया गांधी ने देश में लोकतंत्र पर 'सांप्रदायिक और दमनकारी ताकतों' द्वारा हो रहे हमले को लेकर लोकसभा में चिंता जाहिर की.

गांधी ने कहा, "जब हम भारत छोड़ो आंदोलन के 75 साल पूरे होने का जश्न मना रहे हैं, लोगों के मन में संदेह है कि क्या स्वतंत्रता की भवना पर भय हावी हो रहा है. क्या ये प्रयास हमारी लोकतांत्रिक संरचना, बोलने की आजादी, समानता और सामाजिक न्याय को नष्ट करने के लिए किए जा रहे हैं?"

उन्होंने कहा, "भारत छोड़ो आंदोलन हमें विभाजनकारी, सांप्रदायिक और संकीर्ण विचारधाराओं का बंदी नहीं बनने की बात याद दिलाता है. न तो हम ऐसा होने देंगे." कांग्रेस अध्यक्ष ने आरएसएस पर तंज कसते हुए कहा कि कुछ ऐसे संगठन और तत्व थे, जिन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन का विरोध किया और इसमें भाग नहीं लिया.

पहले से तैयार बयान को पढ़ते हुए गांधी ने यह भी कहा कि कभी-कभी गैर-कानूनी ताकतें कानून व्यवस्था पर हावी होती मालूम पड़ती हैं.

उन्होंने कहा, "अगर हम अपनी आजादी को सुरक्षित रखना चाहते हैं तो हमें दमनकारी ताकतों से लड़ना होगा, इससे कोई फर्क नहीं पढ़ता कि वे कितनी मजबूत और शक्तिशाली हैं. हमें भारत के लिए लड़ना होगा, जहां हर कोई आजाद है."

भाषण की शुरुआत में सोनिया ने भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लेने वाले और आजादी के संघर्ष में अपनी जान कुर्बान करने वाले भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि दी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस दौरान संसद को संबोधित किया.

पीएम मोदी ने कहा कि ये मौका महापुरुषों के बलिदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का है. नए भारत के लिए ये जरूरी है. इसके साथ ही पीएम ने जीएसटी को अपनी सरकार की उपलब्धि बताया, वहीं विपक्ष को घेरने के लिए भ्रष्टाचार का मुद्दा भी उठाया.

पीएम मोदी ने महात्मा गांधी, डांडी मार्च, भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरू, चंद्रशेखर आजाद और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के योगदान का तो जिक्र किया लेकिन पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू का नाम तक नहीं लिया.

पीएम ने साथ ही कहा, "हमारे लिए दल से बड़ा देश है, राजनीति से बड़ी राष्ट्रनीति होती है. भ्रष्टाचार के दीमक ने देश को तबाह कर दिया था, हमें इस स्थिति को बदलना होगा. हमारे सामने गरीबी, कुपोषण और शिक्षा की चुनौती है ये सिर्फ सरकार की नहीं देश की चुनौती है."

मोदी ने कहा, "गांधी ने नारा दिया था करेंगे या मरेंगे. हम सब मिल करके तय करें- भ्रष्टाचार दूर करेंगे दूर करके रहेंगे. गरीबी दूर करेंगे दूर करके रहेंगे. नौजवानों को रोजगार से जोड़ेंगे. देश को कुपोषण से मुक्त करेंगे करके रहेंगे. महिलाओं को आगे बढ़ने वाली बेड़ियों से मुक्त करेंगे और करके रहेंगे."

साभार: आईएएनएस

First published: 9 August 2017, 17:35 IST
 
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