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कांग्रेस बनाम भाजपा: न कोई भूकंप आया न ही गंगा पवित्र है

कैच ब्यूरो | Updated on: 22 December 2016, 8:24 IST

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कुछ दिन पहले यह आरोप लगाकर सियासी माहौल को गर्म कर दिया था कि वो मुंह खोलेंगे तो भूकंप आ जाएगा. इसके बाद उन्होंने बयान दिया कि उनके पास प्रधानमंत्री के खिलाफ व्यक्तिगत भ्रष्टाचार के सबूत हैं, लेकिन उन्हें संसद में बोलने नहीं दिया जा रहा. हालांकि उन आरोपों के बाद भी कोई ख़ास हलचल नहीं मची.

संसद का सत्र बीत जाने के बाद अब दोनो दल चुनावी रंग में रंग गए हैं. गुजरात के मेहसाणा जिले में आयोजित एक रैली में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री के ऊपर आरोप लगाया कि गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी ने सहारा और बिरला समूह से करोड़ो रुपए की घूस ली. राहुल गांधी ने चुनावी मंच से ही इसकी स्वतंत्र जांच की मांग की.

आरोप है कि गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी ने सहारा और बिरला समूह से करोड़ो रुपए की घूस ली

कांग्रेस उपाध्यक्ष के इस तीखे आरोप के बाद दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया. दिल्ली में बुधवार की देर शाम आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा नेता और केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद सिंह ने राहुल गांधी के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गंगा के समान पवित्र हैं.

उन्होंने कांग्रेस पर कड़ा हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस उपाध्यक्ष इस तरह के बेबुनियाद आरोप इसलिए लगा रहे हैं ताकि अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले की जांच से ध्यान भटकाया जा सके. रविशंकर प्रसाद के मुताबिक अगस्ता घोटाले में कांग्रेस नेताओं के साथ ही परिवार के लोगों का नाम भी आ रहा है. परिवार के जरिए उनका इशारा गांधी परिवार की ओर था.

रविशंकर ने आरोप लगाते हुए कहा, 'पीएम के खिलाफ आधारहीन आरोप लगाने वाले राहुल गांधी खुद 5000 करोड़ रुपये के नेशनल हेराल्ड केस में जमानत पर हैं. कांग्रेस पार्टी ने तो घोटाला करने में जमीन, आकाश और पाताल किसी को भी नहीं छोड़ा है.'

राहुल ने छेड़ी दुखती रग

गौरतलब है कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने पीएम नरेंद्र मोदी के गृहराज्य गुजरात के मेहसाणा में एक रैली को संबोधित करते हुे उन पर ये गंभीर आराेप लगाये. मेहसाणा को परंपरागत रूप से भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता है. लिहाजा मोदी के गढ़ से राहुल गांधी ने सोची-समझी रणनीति के तहत उन पर हमला बोला है. उन्होंने मंच से ही कुछ दस्तावेज दिखाकर सहारा अफसरों की नोटिंग का उल्लेख किया. इसके मुताबिक अक्टूबर, 2013 से फरवरी, 2014 के बीच सहारा ने मोदी को नौ बार भुगतान किया. इस संबंध में सारे दस्तावेज आयकर विभाग के पास है.

राहुल ने कहा कि आइटी के रिकार्ड में सहारा अफसरों का अक्टूबर, 2013 से फरवरी 2014 के बीच विभिन्न तिथियों को मोदी जी को 40  करोड़ रुपये भुगतान करने की एंट्री है. मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री रहते, आयकर विभाग ने संबंधित कंपनी पर छापा भी मारा था. आयकर के दस्तावेज का जिक्र करते हुए राहुल ने यह भी आरोप लगाया कि बिरला समूह ने भी मोदी को मुख्यमंत्री रहते 12 करोड़ रुपये का भुगतान किया था.

राहुल ने जिन सबूतों की बिना पर ये आरोप लगाए हैं उन पर प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर रखी है

राहुल ने कहा कि यह रिकार्ड आयकर विभाग के पास पिछले ढाई वर्षों से है. विभाग ने इस मुद्दे की जांच करने की भी सिफारिश की है. राहुल ने इस मामले में नए सिरे से जांच की मांग की है.

इस आरोप की आड़ में ही राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को नोटबंदी के लिए भी घेरा. उन्होंने कह कि मोदीजी इस देश के हर नागरिक की ईमानदारी पर संदेह करते हैं, उनकी गाढ़ी कमाई के पैसे पर संदेह करते हैं और उन्हें कतार में खड़े होने को मजबूर करते हैं. क्या यह जरूरी नहीं है कि खुद मोदीजी के ऊपर जो संदेह खड़े हो रहे हैं उन्हें जांच करके दूर किया जाय.

हालांकि राहुल गांधी ने जिन दस्तावेजों की बिना पर ये आरोप लगाए हैं वे पहले से ही चर्चा में हैं. सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने इन सारे दस्तावेजों के आधार पर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका भी दायर कर रखी है. उनकी मांग है कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले में सीबीआई जांच का आदेश दे. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस पर तल्ख टिप्पणी देते हुए कहा है कि इस मामले में जांच करवाने का थोड़ी सी भी वाजिब वजह नहीं है.

गंगा तो मैली हो गयी: कांग्रेस

भाजपा के पलटवार के बाद एक बार फिर बुधवार देर शाम कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने मोर्चा खोला. उन्होंने कहा, 'गंगा तो मैली  हो गयी, इसलिए गंगा की सफाई के लिए अभियान चलाना पड़ा है.'

उन्होंने कहा कि हमारे मन में प्रधानमत्रीजी के लिए बहुत इज्जत है. राहुल जी पूछ रहे हैं कि मोदी जी ने सहारा से पैसा लिया या नहीं? क्या यह दस्तावेज आयकर विभाग के पास है या नहीं, क्या मोदीजी जांच करायेंगे?

सियासी घमासान में 'आप' की भूमिका

आदमी पार्टी के प्रमुख और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज तक भ्रष्टाचार के किसी मामले में प्रधानमंत्री का नाम सीधे-सीधे नहीं आया था. उन्होंने मामले की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एसआइटी बनाने की मांग की. पीएम मोदी से इस्तीफे की मांग करते हुए उन्होंने याद दिलाया कि जब आडवाणी जी का नाम जैन हवाला मामले में आया था, तब उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था.

लगे हाथ केजरीवाल ने यह कहकर कांग्रेस पर भी निशाना साधा है कि वह उनके ही आरोपो को दोहरा रही है.

इस मामले में पहली बार तृणमूल कांग्रेस और सीपीएम के नेता भी एक सुर में बोलते दिखाई दे रहे हैं. तृणमूल नेता डेरेक ओ ब्रायन ने कहा, 'राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री मोदी पर लगाये गये आरोपों की हम पूरी तरह जांच की मांग करते हैं. जरूरत पड़े, तो इस मामले की सीबीआई जांच भी होनी चाहिए.'

दूसरी ओर माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने भी कहा है कि प्रधानमंत्री पर ‘निजी राजनीतिक भ्रष्टाचार' के आरोप लग रहे हैं, जबकि वह अपनी चिरपरिचित ‘पाखंडपूर्ण शैली में' काले धन और भ्रष्टाचार से लड़ने पर उपदेश दे रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘सहारा डायरी एवं मोदी के गुजरात का मुख्यमंत्री रहने के दौरान उन पर लगे आरोप बहुत गंभीर हैं तथा उनकी जांच होनी चाहिए.'

सुप्रीम कोर्ट ने कहा: रंचमात्र सबूत नहीं

एनजीओ कॉमन काज ने इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में पीआईएल दायर की थी. पिछले सप्ताह प्रधान न्यायाधीश के पद पर मनोनीत न्यायमूर्ति जेएस खेहर ने मामले की सुनवाई करने से मना कर दिया था. उन्होंने कहा कि इस मामले में पुख्ता साक्ष्य नहीं है, सिर्फ पीएम पर आरोप है. इन सबूतों के आधार पर पीएम के खिलाफ जांच का आदेश नहीं दिया जा सकता. पीठ ने अधिवक्ता प्रशांत भूषण से और सबूतों की मांग की है, ताकि वह इस बारे में कोई निर्णय कर सके.

First published: 22 December 2016, 8:24 IST
 
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