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साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल-ममता का मोदी पर वार- '50 दिन में देश 20 साल पीछे चला गया'

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 December 2016, 16:07 IST

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नोटबंदी के मुद्दे पर मोदी सरकार को एक बार फिर घेरा है. कांग्रेस की तरफ से दिल्ली में बुलाई गई विपक्षी दलों की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में ममता बनर्जी ने हिस्सा लिया. 

सबसे पहले राहुल गांधी ने पीएम मोदी को निशाने पर लिया. राहुल ने सहारा-बिड़ला डायरी को लेकर पीएम मोदी पर अपने आरोप दोहराते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को भ्रष्टाचार के आरोपों का जवाब देना चाहिए. इसके साथ ही राहुल ने नोटबंदी को एक बड़ा घोटाला करार दिया.

'नोटबंदी से भ्रष्टाचार को बढ़ावा'

राहुल ने साथ ही कहा कि नोटबंदी के बाद आतंकियों की फंडिंग,जाली करेंसी और भ्रष्टाचार पर लगाम नहीं लगी है. आतंकियों के पास से दो हजार के नए नोट मिल रहे हैं. कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि नोटबंदी से भ्रष्टाचार कम होने के बजाए इसे बढ़ावा मिला है.  

राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, "30 दिसंबर आने वाला है और हालात जस के तस हैं. नोटबंदी का उद्देश्य पूरी तरीके से फेल हो गया है. पीएम को देश को बताना चाहिए कि कि नोटबंदी का असली उद्देश्य क्या था और जो लोग इससे बुरी तरह प्रभावित हुए हैं उनके लिए वह क्या करेंगे?"

'तो पीएम इस्तीफा देंगे'

पश्चिम बंगाल की सीएम और तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी ने नोटबंदी के फैसले पर मोदी सरकार को कठघरे में खड़ा किया. ममता बनर्जी ने कहा, "नोटबंदी के मुद्दे पर विपक्ष पूरी तरीके से एकजुट है. इस फैसले से पिछले 50 दिन के दौरान देश की जीडीपी बुरी तरह प्रभावित हुई है. देश 20 साल पीछे चला गया है."  

ममता ने इस दौरान सवालिया लहजे में कहा, "यह निष्ठुर सरकार है. वे किसी चीज की परवाह नहीं करते. अगर 50 दिन बाद यानी 30 दिसंबर के बाद हालात नहीं सुधरते हैं, तो क्या पीएम मोदी जिममेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा देंगे?" 

इस दौरान ममता ने अच्छे दिन के वादे पर तंज कसते हुए कहा, "क्या ये हैं आपके अच्छे दिन? क्या ये आपके अच्छे दिन का नमूना है? अच्छे दिन के नाम पर देश के लोग कष्ट झेल रहे हैं."

'शीला जी जांच के लिए तैयार'

साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीएमके, राष्ट्रीय जनता दल और जनता दल सेकुलर ने भी हिस्सा लिया. इस दौरान आरजेडी के जयप्रकाश यादव ने कहा कि नोटबंदी के बाद 100 से ज्यादा लोगों की मौत होने की जिम्मेदारी किसकी बनती है? 

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस से हालांकि लेफ्ट ने सोमवार को ही दूर रहने का एलान कर दिया था. इसके अलावा जेडीयू, सपा, बसपा और एनसीपी ने भी कांग्रेस की तरफ से बुलाए गए विपक्षी दलों के इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिरकत नहीं की. 

वहीं सहारा-बिड़ला डायरी को लेकर शीला दीक्षित का नाम आने पर राहुल गांधी ने कहा, "पीएम को सबसे पहले आगे आकर कहना चाहिए कि अगर वे भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे हैं, तो इसकी जांच होनी चाहिए. शीला जी जांच के लिए तैयार हैं."

First published: 27 December 2016, 16:07 IST
 
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