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राहुल की सपा से डिमांड, नो शिवपाल ओनली अखिलेश

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:45 IST
(एजेंसी)

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी और भारतीय जनता पार्टी को रोकने के लिए समाजवादी पार्टी से हाथ मिलाने की तैयारी कर रही है.

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने इस मामले में कल सपा प्रमुख मुलायम सिंह और सपा महासचिव अमर सिंह से मुलाकात की.

ऐसा माना जा रहा है कि दोनों दल बिहार के महागठबंधन की तर्ज पर अजीत सिंह की पार्टी राष्ट्रीय लोकदल को लेकर एक गठबंधन बना सकते हैं.

इस पूरे मामले में सबसे दिलचस्प बात ये सामने आ रही है कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी उस समाजवादी पार्टी से गठबंधन करना चाहते हैं, जिसकी कमान सीएम अखिलोश के हाथ में हो.

इस मामले में राहुल गांधी ने स्पष्ट कर दिया है कि कांग्रेस उसी सूरत में सपा के साथ गठबंधन करेगी, जब सूबे में उसकी कमान सीए अखिलेश के पास होगी.

राहुल गांधी चाहते हैं कि सपा आपसी सहमती से अखिलेश यादव को अपना चेहरा घोषित करे, तभी कांग्रेस महागठबंधन करेगी.

राहुल गांधी चाहते हैं कि सपा आपसी सहमती से अखिलेश यादव को अपना चेहरा घोषित करे

राहुल गांधी का यह संदेश कांग्रेस के चुनाव प्रबंधक प्रशांत किशोर ने मुलायम सिंह के साथ मंगलवार को हुई एक गुप्त मीटिंग में दिया.

सूत्रों के मुताबिक, मीटिंग में समाजवादी पार्टी सांसद अमर सिंह भी मौजूद थे. ये वही अमर सिंह हैं जिन्हें  सीएम अखिलेश बिल्कुल पसंद नहीं करते हैं.

गौरतलब है कि कांग्रेस ने यूपी विधानसभा चुनाव के लिए शीला दीक्षित को अपना सीएम चेहरा, जबकि प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर को बनाया है, लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि इन दोनों नामों से पार्टी को प्रदेश में कोई खास बढ़त नहीं दिखाई दे रही है.

ऐसे में अपने पहले के एजेंडे, जिसके तहत वो प्रदेश विधानसभा का चुनाव अकेले लड़ने वाली थी. पार्टी अब उसमें बदलाव करते हुए सपा, रालोद और जेडीयू के साथ गठबंधन करने की सोच रही है.

वहीं सपा के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव भी गठबंधन के पक्ष में नजर आ रहे हैं. पार्टी जदयू और अजीत सिंह की पार्टी राष्‍ट्रीय लोकदल को साथ लेने के लिए काम कर रही है.

हालांकि, पार्टी में चल रही कलह के बावजूद चुनाव में सपा का मुख्य लक्ष्य मुस्लिम वोट को बंटने से रोकना है, जिसके लिए यह धर्मनिरपेक्ष पार्टियों से गठजोड़ करने पर गौर कर रही है.

अगर सपा और कांग्रेस गठबंधन करके साथ आते हैं तो इससे मायावती की पार्टी बसपा और भाजपा दोनों के लिए मुश्किल हो सकती है.

First published: 2 November 2016, 4:38 IST
 
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