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राज ठाकरे से पूछताछ: ED कार्यालय के आसपास लागू करनी पड़ी धारा 144

कैच ब्यूरो | Updated on: 22 August 2019, 13:23 IST

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख और बाल ठाकरे के भतीजे राज ठाकरे आईएल एंड एफएस जांच के संबंध में पूछताछ के लिए गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय के सामने पेश हुए. उनके साथ एमएनएस नेता बाला नंदगांवकर और उनकी पत्नी शर्मिला, बेटा अमित और बेटी उर्वशी भी थीं. राज ठाकरे को ईडी ने तलब किया था, जो कोहिनूर सीटीएनएल में आईएल एंड एफएस समूह के मनी लांड्रिंग के आरोपों की जांच कर रहा है. यह कंपनी शिवसेना नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री मनोहर जोशी के बेटे अनमेश जोशी ने बनाई थी.

MNS के सदस्यों ने पहले मुंबई, ठाणे और पड़ोसी जिलों में बंद का आह्वान किया था. हालांकि राज ठाकरे ने इसे वापस ले लिया था ताकि आम लोगों को कोई परेशानी न हो. एहतियात के तौर पर मुंबई पुलिस ने दक्षिण मुंबई में ED कार्यालय के आसपास की धारा 144 लगा दी. कार्यालय के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और इसके लिए जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई है.


 

एहतियात के तौर पर सीआरपी की धारा 149 के तहत एमएनएस नेताओं को नोटिस भी जारी किए गए हैं. मुंबई और ठाणे के कई एमएनएस नेताओं को हिरासत में लिया गया है. मनसे के नेता संदीप देशपांडे ने "ईडियट हिटलर" के साथ एक टी शर्ट पहन रखी थी, जिसे पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया था. टी शर्ट में नाजियों का प्रमुख प्रतीक हैकेनक्रेज़, "हुक-क्रॉस" बने थे. MNS कार्यकर्ता संतोष धुरी और राजन मोरे को क्रमशः मुंबई और ठाणे से हिरासत में लिया गया था.

2005 में अनमेश जोशी, राज ठाकरे और राजन शिरोडकर द्वारा कोहिनूर मिल्स नंबर 3 को 421 करोड़ रुपये में खरीदने के लिए एक कंसोर्टियम का गठन किया गया था. यह जमीन दादर में शिव सेना भवन के सामने स्थित है. योजना एक मॉल बनाने की थी लेकिन बाद में इसे एक वाणिज्यिक परिसर में बदल दिया गया, जिसे कोहिनूर स्क्वायर नाम दिया गया.

IL & FS समूह ने कोहिनूर CTNL में 225 करोड़ रुपये का निवेश किया था. 196 करोड़ रुपये की शेष राशि का भुगतान अनमेश जोशी, राज ठाकरे और अनमेश जोशी ने किया. 2008 में आईएल एंड एफएस ने अपने शेयरों को केवल 90 करोड़ रुपये में सरेंडर किया और नुकसान दर्ज किया. राज ठाकरे ने भी उसी वर्ष अपनी हिस्सेदारी बेच दी और कथित रूप से एक बड़ा लाभ कमाकर कंसोर्टियम से बाहर हो गए.

हालांकि, IL & FS ने परियोजना को वित्त जारी रखा. समूह ने कोहिनूर सीटीएनएल को ऋण दिया, जिसे वह चुकाने में असफल रहा. इससे पहले अनमेश जोशी और राजन शिरोडकर से ईडी ने इस मामले में पूछताछ की थी.

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First published: 22 August 2019, 13:12 IST
 
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