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बाबा रामदेव बोले- मोदी सरकार के पास अयोध्या में राममंदिर बनाने के लिए ये है एकमात्र रास्ता

कैच ब्यूरो | Updated on: 17 November 2018, 10:57 IST

योग गुरु रामदेव ने शुक्रवार को राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार से अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए संसद में एक अध्यादेश लाने का आग्रह किया है. रामदेव ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट इस पर देरी कर रहा है. उन्होंने कहा "सुप्रीम कोर्ट इस मामले में देरी कर रहा है. उस तरफ से कोई उम्मीद नहीं है, "उन्होंने कहा "केवल अध्यादेश एक विकल्प बचा है, जो मंदिर का निर्माण शुरू करने के लिए जरूरी है.'' उन्होंने कहा, "अगर मंदिर सुप्रीम कोर्ट के आदेश या संसद में अध्यादेश के बिना मंदिर बनाया गया था, तो कानून व्यवस्था बाधित हो जाएगी."

सुप्रीम कोर्ट ने 29 अक्टूबर को मामले को जनवरी तक स्थगित कर दिया था. अदालत 2010 के इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है. रामदेव की टिप्पणियां भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार को संसद के शीतकालीन सत्र में मंदिर के लिए कानून लाने के लिए प्रेरित करने वाले कई हिंदुत्व संगठनों को प्रतिबिंबित करती हैं.

 

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और हिंदू धार्मिक नेता लंबे समय से सरकार से मंदिर के निर्माण के लिए एक अध्यादेश पारित करने के लिए कह रहे हैं. आरएसएस के महासचिव भाईयाजी जोशी ने कहा है कि संघ परिवार मंदिर के लिए आंदोलन शुरू करने में संकोच नहीं करेगा, जैसा कि 1992 में हुआ था.

रामदेव ने कहा कि कई कारणों से राजनीतिक दल एक-दूसरे का विरोध कर सकते हैं, लेकिन किसी के पास " भगवान का विरोध करने का साहस" नहीं है. उन्होंने यह भी दावा किया कि मंदिर के निर्माण के खिलाफ न तो हिंदू और न ही मुसलमान हैं.

पिछले महीने रामदेव ने दावा किया था कि मंदिर के निर्माण में देरी के कारण लोग अपना धैर्य खो रहे हैं. उन्होंने कहा था, "एक लोकतंत्र में, संसद सर्वोच्च है. राम मंदिर के निर्माण के लिए एक अध्यादेश लाया जाना चाहिए." विश्व हिंदू परिषद ने इस तरह के कानून के लिए सार्वजनिक समर्थन हासिल करने के लिए 15 दिसंबर तक पूरे देश में सार्वजनिक बैठकों का आयोजन करने की योजना बनाई है.

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First published: 17 November 2018, 10:55 IST
 
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