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RSS से जुड़े संगठन ने गडकरी से की ओला-उबर की मनमानी पर लगाम लगाने की मांग

कैच ब्यूरो | Updated on: 18 September 2019, 9:22 IST

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े संगठन स्वदेशी जागरण मंच ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से ओला -उबर जैसे टैक्सी एग्रीगेटर्स के लिए सर्ज प्राइसिंग की सीमाओं को बेहतर ढंग से विनियमित करने के लिए कहा है. एक रिपोर्ट के अनुसार स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय सह-संयोजक अश्विनी महाजन ने कहा कि उन्होंने मंत्री से अनुरोध किया है कि इन कंपनियों की सर्ज प्राइसिंग पर 25 फीसदी कैप लगाया जाना चाहिए. जिससे पीक ऑवर्स के नाम इन टैक्सी एग्रीगेटर्स द्वारा मनमाना किराया न वसूला जा सके.

स्वदेशी जागरण मंच ने चिट्ठी में यह मांग भी की है कि अगर कंपनी द्वारा राइड कैंसल की जाती है तो कंपनी पर दंड लगाया जाना चाहिए. स्वेदशी जागरण मंच का कहना है कि अगर ग्राहक की ओर से राइड कैंसल की जाती है एग्रीगेटर पेनल्टी वसूल करता है लेकिन खुद या ड्राइवर की ओर से राइड कैंसल किये जाने पर ग्राहक की क्षतिपूर्ति नहीं की जाती. 


महाजन ने कहा “पिछले दो हफ्तों में हमें स्क्रीन शॉट्स मिले जहां 2000 रुपये का किराया मुंबई में छह मिनट की सवारी के लिए लिया गया था. यह इन प्लेटफार्मों द्वारा अपमानजनक और मुनाफाखोरी है. इससे पहले कानून वेब एग्रीगेटर्स को एक टैक्सी ऑपरेटर से अलग इकाई के रूप में मान्यता नहीं देता था. इससे केंद्र सरकार के लिए हस्तक्षेप करना लगभग असंभव हो गया क्योंकि स्पष्ट कानून की कमी इस उद्योग के लिए निर्धारित नहीं थी.

ऐप आधारित टैक्सी ऑपरेटरों ने विशेष रूप से पिछले छह-सात वर्षों में एक महत्वपूर्ण वृद्धि देखी है. जिसमें वैश्विक खिलाड़ियों जैसे उबर के भारत में प्रवेश के साथ-साथ घरेलू कंपनी ओला (एएनआई टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड) का उदय हुआ है.

इकॉनमी टैक्सियों के लिए दिसंबर 2016 को जारी परिवहन मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार अधिकतम टैरिफ को न्यूनतम टैरिफ या आधार किराया से तीन गुना तक की अनुमति दी जा सकती है. इसके अलावा, रात के समय के दौरान टैक्सियों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए अधिकतम टैरिफ को न्यूनतम टैरिफ के 12 गुना आधी रात से सुबह 5 बजे तक चार गुना तक की अनुमति दी जा सकती है.

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First published: 18 September 2019, 9:09 IST
 
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