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'बीजेपी को बहुमत नहीं मिला तो प्रणब मुखर्जी होंगे पीएम उम्मीदवार'

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 June 2018, 10:50 IST

शिवसेना ने एक बार फिर से सामना के जरिये बीजेपी पर जमकर हमला बोला है. यही नहीं शिवसेना ने संघ के समारोह में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को बुलाये जाने पर भी जमकर निशाना साधा है. शिवसेना का कहना है की आरएसएस पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के जरिये आने वाले 2019 के चुनाव के लिए जमीन तैयार कर रहा है.

शिवसेना ने सामना में लिखा है कि अगर साल 2019 के चुनाव में बीजेपी को पूर्ण बहुमत नहीं मिलता है तो वह प्रधानमंत्री पद के लिए प्रणव मुखर्जी के नाम को आगे कर सकती है. शिवसेना नेआरएसएस पर यह ही आरोप लगाया है कि शिवसेना ने पहले कभी बाल ठाकरे को अपने इस कार्यक्रम में नहीं बुलाया.

सामना के जरिये शिवसेना में बीजेपी पर निशाना साधा है कि प्रणब मुखर्जी को बुलाने के पीछे दिल्ली में अजेंडा सेट हुआ था और यह साल 2019 के बाद साफ़ हो जायेगा. सामना में लिखा गयाहै कि अगर साल 2019 में त्रिशंकु लोकसभा की स्थिति आई और अन्य दलों का मोदी को सहयोग नहीं मिला तो प्रणव नेता के तौर पर चुने का सकते है.

सामना में लिखा गया है ''संघ के मंच पर अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तियों को बुलाने की प्रथा है. प्रणब मुखर्जी उसी परंपरा का हिस्सा थे. संघ खुद को हिंदुत्ववादी वगैरह मानती है, लेकिन उन्होंने शिवसेनाप्रमुख बालासाहेब ठाकरे को कभी क्यों नहीं बुलाया, यह एक सवाल है''.

आगे लिखा गया है ''बालासाहेब का प्रखर हिंदुत्ववाद, आर-पार राष्ट्रभक्ति का विचार का भार संघ उठाने में सक्षम था क्या? ‘गर्व से कहो हम हिंदू हैं’ इस तरह की घोषणा तक ही बालासाहेब का हिंदुत्व मर्यादित नहीं था, बल्कि अयोध्या में ध्वस्त हुए बाबरी की जिम्मेदारी लेकर हिंदू डरपोक नहीं है, हिंदू अब मार नहीं खाएगा, यह उन्होंने दिखा दिया था''.

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First published: 10 June 2018, 10:40 IST
 
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