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Sachin Pilot Political Career: 26 की उम्र में सासंद और फिर केंद्रीय मंत्री, कुछ ऐसा है सचिन पायलट का सियासी करियर

कैच ब्यूरो | Updated on: 13 July 2020, 14:32 IST

Sachin Pilot vs Ashok Gehlot Rajasthan Political Crisis: राजस्थान में सियासी ड्रामा अभी भी जारी है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Chief Minister of Rajasthan Ashok Gehlot) से नाराज होकर उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट (Sachin Pilot) ने कांग्रेस पार्टी से अपनी राहे अलग कर ली हैं. खबरों की मानें तो सचिन पायलट के गुट के विधायकों का दावा है कि उनके साथ 30 विधायकों का समर्थन है और राज्य की गहलोत सरकार का अल्पमत में है.

दूसरी तरफ अशोक गहलोत गुट का दावा है कि सरकार के पास बहुमत है. वहीं कांग्रेस आलाकमान ने डैमेज कंट्रोल की कोशिश की है. कांग्रेस आलाकमान ने तीन नेताओं को जयपुर भेजा है. सोमवार सुबह पार्टी ने 10:30 बजे विधायक दल की बैठक बुलाई थी, लेकिन वो नहीं हुई फिर कांग्रेस नेताओं की तरफ से कहा गया कि बैठक दोपहर 12 बजे बैठक शुरू होगी, लेकिन वो भी नहीं हुई. इस सबके बीच एक नाम जो चर्चा में लगातार बना हुआ है वो सचिन पायलट है.


 

सचिन पायलट का सियासी करियर

सचिन पायलट का जन्म 7 सितंबर 1977 उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में दिवंगत कांग्रेस नेता राजेश पायलट और रमा पायलट के यहाँ हुआ था. राजेश पायलट भारत के केंद्रीय मंत्री थे. सचिन पायलट शुरूआत में राजनीति में नहीं आना चाहते थे लेकिन पिता के देहांत के बाद वो राजनीति में आए. सचिन पायलट जब 26 साल के थे तो उन्होंने राजस्थान के दौसा लोकसभा क्षेत्र से चुना लड़ा था, और साल 2004 में लोकसभा चुनावों में, भारत के सबसे कम उम्र के सांसद बने.

इसी साल सचिन पायलट सबसे कम उम्र में गृह मामलों की लोकसभा की स्थायी समिति के सदस्य बने, फिर साल 2006 में वो नागरिक उड्डयन मंत्रालय में सलाहकार समिति के सदस्य बने. इसके बाद साल 2009 के लोकसभा चुनावों में सचिन पायलट ने भाजपा की किरण माहेश्वरी को भारी अंतर से हराया. इसी साल उन्हें केंद्रीय संचार और आईटी राज्य मंत्री बनाया गया फिर साल 2012 में यूनियन कॉर्पोरेट अफेयर के लिए राज्य मंत्री बने.

 

हालांकि, साल 2014 के लोकसभा चुनावों में सचिन पायलट को हार का सामना करना पड़ा था. इसी दौरान राजस्थान की गहलोत सरकार को 2014 की विधानसभ में करारी हार का सामना करना पड़ा था. इसके बाद सचिन पायलट को कांग्रेस आलाकमान ने राज्य प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी. कहा जाता है कि इस दौरान सचिन पायलट के जमीनी स्तर पर काफी अधिक काम किया और उन्हीं के दम पर साल 2019 के विधानसभा चुनावों में राजस्थान में कांग्रेस की वापसी हुई.

Rajasthan Political Crisis: अल्पमत में आई गलहोत सरकार, 30 विधायकों ने सचिन पायलट को दिया समर्थन- रिपोर्ट

First published: 13 July 2020, 13:38 IST
 
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