Home » राजनीति » Shivpal Yadav tweets after CM Akhilesh Yadav sent list of 403 candidates of Samajwadi Party
 

'समाजवादी गृहयुद्ध': भतीजे ने दागियों को किया दरकिनार, चाचा बोले- टिकट बंटवारे का जीत आधार

कैच ब्यूरो | Updated on: 26 December 2016, 9:43 IST
(कैच)

ऐसा लगता है कि समाजवादी पार्टी में घमासान थमने वाला नहीं है. ताज़ा मामला टिकट बंटवारे का है, जहां एक बार फिर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और शिवपाल यादव के बीच टकराव साफ नजर आ रहा है. उत्तर प्रदेश में अब विधानसभा चुनाव की उल्टी गिनती चल रही है. उससे पहले खबर है कि अखिलेश ने 403 उम्मीदवारों की लिस्ट सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव को भेजी है. 

अखिलेश के चाचा शिवपाल यादव समाजवादी पार्टी के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष हैं, लेकिन सीएम अखिलेश यादव ने उनको दरकिनार करते हुए उम्मीदवारों की लिस्ट तैयार की है. 

अंसारी बंधु और अतीक का नाम नहीं! 

बताया जा रहा है कि शिवपाल यादव के करीबी माने जाने वाले लोगों के नाम अखिलेश की इस लिस्ट में नहीं हैं. इनमें अंसारी बंधु (मुख्तार अंसारी और सिबगतुल्लाह अंसारी), अतीक अहमद और अमनमणि त्रिपाठी के नाम शामिल नहीं हैं. 

गौरतलब है कि सिबगतुल्लाह को मोहम्मदाबाद, अतीक अहमद को कानपुर कैंट और अमनमणि को नौतनवां सीट से सपा का टिकट मिला था, लेकिन अखिलेश ने दागी नेताओं को दरकिनार कर दिया है. इससे पहले अतीक अहमद ने अपना टिकट कटने की आशंका जाहिर करते हुए कहा था कि अगर उनका टिकट कटता है तो वे निर्दलीय चुनाव लड़कर अपनी ताकत दिखाएंगे. 

35-40 वर्तमान विधायक भी लिस्ट से नदारद

यानी अखिलेश की यह लिस्ट समाजवादी परिवार के गृहयुद्ध पार्ट-2 का कारण बनना तय मानी जा रही है. बताया जा रहा है कि जिन 175 प्रत्याशियों को टिकट मिला था, उनमें से 35 से 40 विधायकों के नाम भी अखिलेश की सूची में नदारद हैं.

अखिलेश सार्वजनिक मंच से भी कई बार दागी नेताओं पर अपनी नाराजगी का इजहार कर चुके हैं. खास तौर पर उन्होंने कहा था कि मुख्तार अंसारी और उनकी पार्टी के लोगों का समाजवादी पार्टी में स्वागत नहीं है. यही नहीं मुख्तार के बारे में अखिलेश ने साफ कहा था कि वे समाजवादी पार्टी में शामिल नहीं किए जाएंगे. 

इसके साथ ही हाल ही में अतीक अहमद का हथियार लाइसेंस रद्द हुआ है. इलाहाबाद के एक शैक्षणिक संस्थान में अतीक और उनके समर्थकों की गुंडागर्दी के बाद जिला प्रशासन ने यह कार्रवाई की है, लेकिन माना जा रहा है कि चूंकि अखिलेश यादव पहले से ही दागी अतीत वाले नेताओं के खिलाफ हैं, लिहाजा इस मामले ने अतीक के खिलाफ कार्रवाई की राह आसान कर दी. 

चाचा शिवपाल ने ट्विटर पर छेड़ी जंग

इस बीच शिवपाल यादव ने टिकटों के बंटवारे को लेकर अपनी नाराजगी का इजहार ट्विटर के जरिए करते हुए विवाद को हवा दी है. अखिलेश और उनके संबंध एक अरसे से सामान्य नहीं हैं. हालांकि मुलायम सिंह अक्सर कहते रहते हैं कि परिवार में सब ठीक है. 

इसके उलट शिवपाल ने एक के बाद एक चार ट्वीट करते हुए साफ कर दिया कि टिकटों के वितरण को लेकर टकराव अब थमने वाली नहीं है. शिवपाल यादव के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से लिखा गया, "पार्टी गठबंधन करेगी या नहीं इसका फैसला राष्ट्रीय अध्यक्ष नेताजी ही करेंगे." 

गौरतलब है कि यूपी में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच गठबंधन की सुगबुगाहट देखी जा रही है. हालांकि कांग्रेस के यूपी प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने ऐसी किसी संभावना से इनकार किया था. अखिलेश ने भी कहा है कि गठबंधन पर फैसला नेताजी ही करेंगे. हालांकि अखिलेश ने यह भी कई बार कहा है कि अगर गठबंधन होता है तो 300 सीटें मिलेंगी.

शिवपाल ने अपने दूसरे ट्वीट में टिकट बंटवारे को लेकर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "किसके टिकट कटेंगे इसको लेकर जिला संगठन, प्रदेश संगठन और पार्टी के वरिष्ठ लोग इसका निर्णय लेंगे."

शिवपाल ने इसके आगे ट्वीट किया, "पार्टी में किसी प्रकार की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी, जो पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाए. टिकट का बंटवारा जीत के आधार पर होगा, अब तक 175 लोगो को टिकट दिया जा चुका है."

First published: 26 December 2016, 9:43 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी