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संतोष गंगवार: हमने कभी नहीं की 100 फीसदी कैशलेस की बात

कैच ब्यूरो | Updated on: 18 December 2016, 14:18 IST
(फाइल फोटो)

वित्त राज्य मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने नोटबंदी के फैसले के बाद अब कैशलेश को आर्थिक पारदर्शिता की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है.

संतोष गंगवार ने कहा है कि हमने कभी भी 100 फीसदी कैशलेश अर्थव्यवस्था की बात नहीं कही है लेकिन अगर 15 से 20 फीसदी लोग भी कैशलेस लेनदेन का प्रयोग करते हैं, तो यह सरकार और अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी कामयाबी होगी, क्योंकि कैशलेश पूरी तरह से पारदर्शी और कारगर है.

वित्त राज्य मंत्री संतोष गंगवार ने कहा, "मौजूदा समय में दुनिया के कई देशों में कैशलेस लेनदेन चल रहा है. जहां तक देश का सवाल है तो हमने कभी नहीं कहा कि हम 100 फीसदी कैशलेस होंगे, लेकिन अगर 15-20 फीसदी लोग भी कैशलेस लेनदेन की ओर चले जाते हैं तो यह एक बड़ी उपलब्धि होगी क्योंकि यह पारदर्शी और कारगर है."

नोटबंदी की घोषणा के एक महीने से अधिक समय गुजरने के बाद भी बैंकों और एटीएम के बाहर लगी लंबी लाइनों के बारे में गंगवार ने कहा, "यह बात सही है कि 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक की मुद्रा थी, जिसको वापस लिया जा रहा है. स्वाभाविक है कि इस फैसले से कुछ तो असुविधा होगी ही."

अस्पतालों, पेंशनधारक बुजुर्गों, महिलाओं को बैंकों में अभी भी पेश आ रही परेशानियों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री ने पहले ही 50 दिन के कष्ट की बात कही है. अभी बैंकों की कुछ शिकायतें आ रही है उस पर हमने ध्यान दिया है और प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं."

गंगवार ने कहा, "हमने अस्पतालों एवं अन्य लोगों से संपर्क किया और लोगों की परेशानियां धीरे धीरे कम हो रही हैं. पुराने नोट बदलने की प्रक्रिया में अब सामान्य लोग नहीं आ रहे हैं."

बैंकों के स्टिंग ऑपरेशन के बारे में गंगवार ने कहा, "वे इस बारे में नहीं बता सकते लेकिन जो शिकायतें मिल रही हैं उन पर कारवाई की जा रही है."

आरएसएस के चिंतक गुरुमूर्ति के 2000 का नोट बंद करने और कुछ आर्थिक विशेषज्ञों द्वारा नोटबंदी के बाद विकास दर कम होने के अनुमान के बारे में केंद्रीय मंत्री ने कहा, "ये उनके अपने विचार हो सकते हैं. किसी आर्थिक विशेषज्ञ के बयान के बारे में उन्हीं से पूछा जाना चाहिए. हम केवल सरकार का पक्ष रख सकते हैं और सरकार का फैसला भ्रष्टाचार और कालेधन को समाप्त करना और आर्थिक सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम है."

First published: 18 December 2016, 14:18 IST
 
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