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डार्विन ही नहीं, न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण सिद्धांत पर भी सवाल उठा चुके हैं बीजेपी के नेता

कैच ब्यूरो | Updated on: 21 January 2018, 13:50 IST

मोदी सरकार में मंत्री सत्यपाल सिंह के उस बयान की सोशल मीडिया में खूब चर्चा हो रही है जिसमे उन्होंने मानव के क्रमिक विकास पर डार्विन की थ्योरी को ही गलत करार दे दिया था. स्कूल और कॉलेज के पाठ्यक्रम में बदलाव की वकालत करते हुए उन्होंने कहा था कि डार्विन गलत थे क्योंकि किसी ने बंदर को इंसान में बदलते नहीं देखा.

केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री सत्यपाल सिंह ने कहा ''मनुष्यों के क्रमिक विकास का चार्ल्स डार्विन का सिद्धांत वैज्ञानिक रूप से ग़लत है. स्कूलों और कॉलेजों के सिलेबस में इसे बदलने की ज़रूरत है. इंसान जब से पृथ्वी पर देखा गया है, हमेशा इंसान ही रहा है.''

यह कोई पहला मौका नही है जब बीजेपी के नेताओं ने इस तरह के बयान दिए हैं. इससे पहले आठ जनवरी को राजस्थान के शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण के  सिद्धांत को नकारते हुए कहा था कि न्यूटन से पहले यह ब्रह्मगुप्त द्वितीय ने खोजा था.

राजस्थान विश्वविद्यालय में देवनानी कहा था कि हम सब ने पढ़ा है कि गुरुत्वाकर्षण का सिद्धांत न्यूटन ने दिया था, लेकिन गहराई में जाने पर पता चलेगा कि गुरुत्वाकर्षण का सिद्धांत न्यूटन से एक हज़ार वर्ष पूर्व ब्रह्मगुप्त द्वितीय ने दिया था.

सत्यपाल सिंह वर्तमान में यूपी के बागपत से बीजेपी के सांसद हैं. पूर्व नौकरशाह सत्यपाल सिंह सेवाकाल के दौरान वो मुंबई के पुलिस कमिश्नर रह चुके हैं.

पहले भी विवादों में रहे सत्यपाल सिंह

यह कोई पहला मौका नही जब सत्यपाल सिंह के बयानों पर बवाल मचा हो. इससे पहले उनके इस बयान पर हंगामा हुआ था जब उन्होंने कहा था कि कितने लड़के वैसी लड़कियों से शादी करना चाहेंगे जो शादी समाराहों में जींस पहनकर आती हो.

मार्च 2016 में सत्यपाल सिंह ने एक कार्यक्रम में कहा था कि 'अगर तुम्हें कोई गुंडा परेशान करे तो मुझे बता देना. मैं मुंबई का सबसे बड़ा गुंडा रहा हूं. दादाओं का दादा रहा हूं, देखने में सीधा-साधा इंसान हूं. मैं गुंडों के लिए गुंडा हूं और सज्जनों के लिए सज्जन इंसान.'

First published: 21 January 2018, 13:50 IST
 
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