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सुप्रीम कोर्ट: धर्म-जाति के नाम पर वोट मांगना गैरकानूनी, भगवान-इंसान का रिश्ता निजी मामला

कैच ब्यूरो | Updated on: 2 January 2017, 12:18 IST
(फाइल फोटो )

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि कोई भी राजनेता धर्म, जाति और भाषा के नाम पर वोट नहीं मांग सकता है. सुप्रीम कोर्ट के 7 जजों की सविधांन पीठ ने हिंदुत्व मामले में कई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए ये फैसला दिया है.

सुप्रीम कोर्ट की 7 जजों की संवैधानिक पीठ ने 4-3 से ये फैसला दिया है. इस फैसले के बाद धर्म के नाम पर वोट मांगना गैरकानूनी होगा.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चुनाव एक धर्मनिरपेक्ष पद्धति है. इस आधार पर वोट मांगना संविधान की भावना के खिलाफ है. जन प्रतिनिधियों को भी अपने कामकाज धर्मनिरपेक्ष आधार पर ही करने चाहिए. आने वाले पांच राज्‍यों में इसका असर होने की संभावना है.

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि भगवान और इंसान के बीच का रिश्ता व्यक्तिगत मामला है. कोई भी सरकार किसी एक धर्म के साथ विशेष व्यवहार नहीं कर सकती, एक धर्म विशेष के साथ खुद को नहीं जोड़ सकती. 

First published: 2 January 2017, 12:18 IST
 
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