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पिछले एक महीने से गढ़वाल के पहाड़ों में क्यों भटक रहे हैं शौर्य डोभाल ?

कैच ब्यूरो | Updated on: 1 July 2018, 11:15 IST
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पिछले महीने से 'बेमिसाल गढ़वाल अभियान' के नए बैनर और होर्डिंग्स की उत्तराखंड के गढ़वाल में खूब धूम मची हुई है. इन पोस्टर में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोवाल के बेटे शौर्य की एक तस्वीरें हैं. वह इन पोस्टर्स के जरिये शौर्य डोभाल लोगों को अपने अभियान से जुड़ने के लिए आमंत्रित कर रहे हैं. इनमे टेलीफोन नम्बर भी दिए गए हैं. दो नंबरों में से एक टेलीफोन नम्बर लोगों अभियान से जुड़ने के लिए मिस कॉल के लिए हैं और दूसरा शौर्य डोभाल और अभियान पर जानकारी के लिए है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट की माने तो इस नंबर पर कॉल करके ऑपरेटर कहता है कि "कोई भी जो बेहतर गढ़वाल के बारे में सोचता है वह अभियान में भाग ले सकता है, जो कि शौर्य डोवाल की एक पहल है."यह जानकारी गढ़वाली भाषा और गढ़वाल क्षेत्र के सात जिलों में भी उपलब्ध है. ये बैनर देहरादून और पौड़ी जिले में  आपको बड़ी संख्या में दिख जायेंगे.

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इंडिया फाउंडेशन के निदेशक, जो एक थिंक टैंक के रूप में केंद्र के साथ मिलकर काम करता है, शौर्य सक्रिय रूप से नवंबर 2017 से राज्य के गढ़वाल क्षेत्र की यात्रा कर रहे हैं. माना जा रहा है कि शौर्य डोभाल 2019 के लोकसभा चुनाव में गढ़वाल की पौड़ी सीट से लड़ना चाहते हैं.

बेमिसाल गढ़वाल अभियान के जो 2017 के अंत में शुरू हुआ था, इस अभियान के तहत पौड़ी जिले में चौबट्टाखाल, पोखरा, सतपुली और कोटद्वार में कार्यक्रम आयोजित किए गए थे. इस अभियान के तहत गढ़वाल के गांवों में भी मोबाइल क्लीनिक स्थापित किए गए हैं. देहरादून में एक कार्यालय है जिसमें लगभग पांच कर्मचारी हैं. इस अभियान का फेसबुक पेज भी मौजूद है.

पिछले साल दिसंबर में शौर्य डोभाल, जिनका गांव पौड़ी जिले के घीड़ी क्षेत्र में पड़ता है, वह उत्तराखंड भाजपा की राज्य कार्यकारी समिति के सदस्य बने. उनके फेसबुक पेज जिसमें एक लाख से ज्यादा फॉलोवर्स हैं और उन्हें उत्तराखंड से बीजेपी नेता के रूप में भी वर्णित किया गया है.

रिपोर्ट के अनुसार शौर्य का कहना है कि "मुझे नहीं पता कि मैं (लोकसभा) चुनाव लड़ूंगा या नहीं, वह मेरे हाथ में नहीं है लेकिन मैं समझता हूं कि एक जगह को आकार देने के लिए राजनीति में एक क्षमता है. उत्तराखंड और बेमिसाल गढ़वाल (उत्तराखंड में) को बदलने के प्रयास इसी का हिस्सा हैं."

माना जा रहा है कि यह उत्तराखंड में भाजपा का लोकसभा चुनावों के लिए शौर्य डोभाल की उम्मीदवारी की दिशा में बढ़ाया एक कदम है. उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष अजय भट्ट का कहना है कि "बेमिसाल गढ़वाल अभियान का भाजपा से कोई लेना देना नहीं है. अभियान में हमारी कोई प्रत्यक्ष भागीदारी नहीं है.

हालही में एक रिपोर्ट में कहा गया था कि "शौर्य डोभाल द्वारा संचालित इंडिया फाउंडेशन में मोदी सरकार के कई केंद्रीय मंत्री निदेशक के तौर पर जुड़े हैं. यह संस्थान ऐसे विदेशी और भारतीय कॉरपोरेट की फंडिंग पर निर्भर है, जिनमें से कई सरकार के साथ सौदे भी करते हैं."

 

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इस खबर के मुताबिक इंडिया फाउंडेशन साल 2009 से केरल में आदिवासियों का जबरन धर्म परिवर्तन और केरल में चरमपंथी इस्लाम के जैसे विषयों पर निबंध (मोनोग्राफ) छापने वाले संगठन के तौर पर काम करती है. 

मगर साल 2014 में भाजपा सरकार के केंद्र में सत्ता आने के बाद संस्थान की गतिविधियों में अप्रत्याशित तेजी आई और इसने जबरदस्त तरक्की की है. साल 2014 के बाद संस्थान के ग्राफ में आई वृद्धि को लेकर ही वेबसाइट की खबर में सवाल उठाए गए हैं.

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First published: 1 July 2018, 10:58 IST
 
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