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शिवसेना: उरी में 20 शहीद, बैंकों की कतार में 40 शूरवीर देशभक्तों ने दिया बलिदान

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:39 IST
(एजेंसी)

नोटबंदी के मसले पर संसद में गुलाम नबी आजाद के बयान पर हमलावर हुई मोदी सरकार को शिवसेना से झटका लगा है. एनडीए सरकार की प्रमुख सहयोगी शिवसेना ने गुलाम नबी आजाद के बयान का समर्थन किया है.

आजाद ने संसद में नोटबंदी के मसले पर मोदी सरकार को घेरते हुए विमुद्रीकरण से होने वाली मौतों की तुलना उरी आतंकवादी हमले में मरने वालों से की थी. हालांकि इस बयान को बाद में संसद की कार्यवाही से निकाल दिया है.

शिवसेना की ओर से कहा गया है कि बीजेपी के द्वारा आजाद से माफी मंगवाने की जिद से सच्चाई नहीं बदल जाएगी. गौरतलब है कि बीजेपी ने अपनी टिप्पणियों के लिए आजाद से माफी की मांग की थी लेकिन कांग्रेस नेता ने उसकी मांग ठुकरा दी.

शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में प्रकाशित संपादकीय में कहा गया है, "अगर आजाद ने माफी मांग ली तो क्या सच्चाई बदल जाएगी."

संपादकीय में कहा गया, "उरी हमले में 20 जवान शहीद हुए थे. नोटबंदी के चलते नोटों को बदलने के लिए बैंकों की कतारों में लगे 40 शूरवीर देशभक्तों ने बलिदान दिया."

शिवसेना मुखपत्र ने कहा, "हमलावरों में फर्क है. उरी में पाकिस्तानियों का हमला हुआ और नोटबंदी का हमला हमारे शासनकर्ताओं ने किया."

सामना में लिखा गया है, "ऐसे में एक दिन कहीं पूरे देश को ही 'शहीद' कहने की नौबत न आ जाए."

गौरतलब है कि दो दिन पहले नोटबंदी के मुद्दे पर गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से बात की थी और नोटबंदी विरोधी प्रदर्शन में शिवसेना के हिस्सा लेने के मसले पर निराशा जाहिर की थी.

First published: 19 November 2016, 4:24 IST
 
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