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गुजरात: नरोदा पाटिया दंगा मामले में SIT ने अमित शाह को बुलाने का किया विरोध

कैच ब्यूरो | Updated on: 26 April 2017, 12:39 IST
Maya Kodnani

गुजरात के नरोदा पाटिया दंगे मामले में सजायाफ्ता बीजेपी की पूर्व मंत्री माया कोडनानी के द्वारा पिछले महीने गुजरात उच्च न्यायालय में बतौर गवाह भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को बुलाने वाली याचिका का स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम (एसआईटी) ने विरोध किया है. इस मामले में माया कोडनानी ने अमित शाह सहित सात अन्य लोगों को गवाह बनाने की मांग की थी.

खबरों के मुताबिक स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम (एसआईटी) ने सोमवार को माया कोडनानी की गुजरात हाई कोर्ट में की गयी उस याचिका का विरोध किया, जिसमें माया ने 2002 के नरोदा पाटिया दंगों के मामले में अपनी गैरमौजूदगी साबित करने के लिए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को तलब करने की मांग की थी.

जस्टिस हर्षा देवानी और जस्टिस ए एस सुपेहिया की पीठ के समक्ष कोडनानी की दाखिल याचिका का विरोध करते हुए एसआईटी ने अपनी दलील में कहा कि देरी से दाखिल की गयी अर्जी कानूनी तौर पर स्वीकार्य नहीं है.

गौरतलब है कि माया कोडनानी ने नरोदा पाटिया दंगा मामले में खुद को दोषी करार दिये जाने और 28 साल कैद की सजा सुनाने के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी है. उन्होंने अपराध में शामिल नहीं होने और उस वक्त कहीं और मौजूद होने की बात साबित करने के लिए अतिरिक्त गवाहों के तौर पर अमित शाह के साथ सात और लोगों को कोर्ट में बुलाने की मांग की थी.

एसआईटी ने निचली आदालत में नरोदा गाम दंगा मामले में कोडनानी की याचिका का विरोध नहीं किया था, लेकिन नरोदा पाटिया मामले में हाई कोर्ट में उनकी अर्जी का विरोध करते हुए एसआईटी ने दलील दी कि अभियोजन पक्ष उन सभी गवाहों को बुलाने के लिए बाध्य नहीं है, जिनका जिक्र आरोपपत्र में किया गया है.

बताया जा रहा है कि आने वाले 25 अप्रैल को कोर्ट दोनों पक्षों की दलीलें सुनेगी और उसके बाद अपना फैसला सुनाएगी.

First published: 26 April 2017, 12:39 IST
 
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