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शशिकला को 4 साल जेल की सज़ा, नहीं बन पाएंगी तमिलनाडु की सीएम

कैच ब्यूरो | Updated on: 14 February 2017, 9:37 IST

सुप्रीम कोर्ट ने आय से ज्यादा संपत्ति के मामले में एआईएडीएमके की महासचिव शशिकला को दोषी करार दिया है. इसके साथ ही अब वह तमिलनाडु की मुख्यमंत्री नहीं बन सकेंगी. हाईकोर्ट के फैसले को पलटते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें चार साल जेल की सजा सुनाई है.

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से तमिलनाडु की सियासत में नया मोड़ आ गया है. अब शशिकला को कर्नाटक की जेल में चार साल काटने होंगे और उनके मुख्यमंत्री बनने का सपना टूट गया है. सुप्रीम कोर्ट ने आय से ज्यादा संपत्ति मामले में ट्रायल कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है.

पन्नीरसेल्वम का रास्ता साफ़

सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद शशिकला को साढ़े तीन साल जेल में काटने होंगे, क्योंकि छह महीने की सजा वह पहले ही पूरी कर चुकी हैं. इसके साथ ही ओ पन्नीरसेल्वम के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है.

पन्नीरसेल्वम ने पांच फरवरी को मुख्यमंत्री पद से अपना इस्तीफा दिया था. दरअसल इसी दिन शशिकला को एआईएडीएमके विधायक दल का नेता चुनकर उन्हें राज्य की सत्ता संभालने को कहा गया था. हालांकि बाद में जयललिता की समाधि पर श्रद्धांजलि देने के बाद पन्नीरसेल्वम ने बगावत करते हुए कहा कि उनसे दबाव में इस्तीफा लिया गया था.

 

'सजा से बच नहीं सकतीं'

वहीं फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी नेता और राज्यसभा सदस्य सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा है, "मुझे उनके दोषी करार दिए जाने की उम्मीद थी. मुझे नहीं लगता है कि चार साल की सजा से वह बच सकती हैं."

तमिलनाडु में पिछले साल 5 दिसंबर को जयललिता की मौत के बाद ओ पन्नीरसेल्वम ने राज्य की कुर्सी संभाली थी. करीब तीन महीने तक चेन्नई के अपोलो अस्पताल में भर्ती रहने के बाद जयललिता का निधन हुआ था. इसके बाद शशिकला को पिछले साल 29 दिसंबर को एआईएडीएमके का महासचिव नियुक्त किया गया था.

'सत्य की जीत'

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर एआईएडीएमके की प्रतिक्रिया भी आई है. पार्टी ने कहा है, "जब भी अम्मा पर संकट आया है मैंने भी उसे झेला है. इस बार भी मैं संकट का सामना करूंगी. धर्म की जीत होगी."

वहीं राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी डीएमके के नेता तमिलन प्रसन्ना का कहना है, "यह तमिलनाडु के लोगों की बड़ी जीत है. यह सत्य और न्यायिक व्यवस्था की विजय है."

First published: 14 February 2017, 9:37 IST
 
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