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जयललिता बिल्कुल ठीक, कभी भी ले सकती हैं छुट्टी, अपोलो अस्पताल का बयान

कैच ब्यूरो | Updated on: 12 November 2016, 13:30 IST
(फाइल फोटो)

22 सितंबर से चेन्नई के अपोलो अस्पताल में भर्ती तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता कभी भी अस्पताल से छुट्टी ले सकती हैं. तबीयत खराब होने के बाद उन्हें इलाज के लिए यहां भर्ती कराया गया था. अस्पताल के मुताबिक जयललिता बिल्कुल ठीक हैं.

इस बारे में अपोलो अस्पताल का आधिकारिक बयान आया है. अपोलो अस्पताल के चेयरमैन प्रताप सी रेड्डी का कहना है, "जयललिता का इंफ्केशन अब पूरी तरह से नियंत्रण में है और जब भी उनको लगे कि वह फिट हैं अस्पताल से डिस्चार्ज हो सकती हैं."

22 सितंबर से अपोलो अस्पताल में भर्ती

22 सितंबर को तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता को चेन्नई के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उनकी सेहत को लेकर कई अफवाहें भी फैलीं, लेकिन कोई पक्की जानकारी बाहर नहीं आ सकी.

इस दौरान मद्रास हाईकोर्ट ने भी सेहत को लेकर अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी. सीएम जयललिता की गैरमौजूदगी में राज्य का जिम्मा वित्त मंत्री पनीरसेल्वम संभाल रहे हैं. उनकी गैरहाजिरी में पहली कैबिनेट बैठक के दौरान फोटो भी रखी गई थी.

इन सबके बीच जयललिता के प्रशंसक और समर्थकों की दुआओं का दौर जारी है. कहीं हवन हो रहा है तो कोई उपवास रख रहा है. प्रशंसक उनके जल्द से जल्द अस्पताल से बाहर निकलने की आस लगाए चिंतित नजर आ रहे हैं.

जयललिता का हेल्थ कार्ड

  • 22 सितंबर को रात में 9 बजकर 45 मिनट पर अचानक अपने आवास पर मुख्यमंत्री जयललिता बेहोश गईं.
  • सीएम हाउस से चेन्नई के अपोलो अस्पताल के मालिक की बेटी प्रीथा रेड्‌डी के पास एक फोन आया. इसके फौरन बाद अपोलो अस्पताल के लिए एक एंबुलेंस रवाना हुई.
  • हालांकि अब तक यह नहीं बताया गया था कि मरीज कौन है? एंबुलेंस के ड्राइवर को सीएम हाउस पहुंचने के निर्देश दिए गए.
  • 30 मिनट बाद जयललिता बेहोशी की हालत में अपोलो अस्पताल के आईसीयू में भर्ती थीं.
  • कहा जा रहा है कि जयललिता पहली बार अपोलो अस्पताल में भर्ती हुई हैं. इससे पहले वह रूटीन चेकअप के लिए तीन-चार महीने में चेन्नई के ही श्रीरामचंद्र मेडिकल कॉलेज जाती रही हैं.
  • 23 सितंबर को पीएम नरेंद्र मोदी ने दिल्ली से एम्स के तीन डॉक्टरों की टीम चेन्नई भेजी. कार्डियोलॉजिस्ट नितीश नाईक, पल्मोनोरोलॉजिस्ट जीसी खिलनानी और एनेस्थेशिस्ट अनजन त्रिखा इसमें शामिल थे.
  • रिपोर्ट के मुताबिक जयललिता को एक बार फिर माइनर हार्ट अटैक आया. उनका शुगर लेवल काफी ज्यादा था और ब्लड प्रेशर भी बढ़ा हुआ था.
  • एक वेबसाइट की रिपोर्ट में कहा गया था कि उन्हें पेसमेकर लगाया गया. 24 से 27 सितंबर के बीच का यह सारी घटनाक्रम है.  वेबसाइट के मुताबिक 28 सितंबर से उनकी सेहत और बिगड़ गई. मल्टिपल ऑर्गन समस्याएं भी सामने आने लगीं.
  • रिपोर्ट के मुताबिक जयललिता के किडनी, लीवर और फेफड़ों में इंफेक्शन हो गया और 28 सितंबर को ही उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया.
  • इसके बाद अपोलो अस्पताल ने लंदन से डॉक्टर रिचर्ड जॉन बेले को बुलाया. सिंगापुर से आई डॉक्टरों की टीम भी जयललिता की सेहत पर नजर बनाए हुए है. ऐसा पहली बार है कि अपोलो ने बाहर से एक्सपर्ट बुलवाए हैं.
  • अपोलो अस्पताल के 18 डॉक्टरों की टीम चौबीसों घंटे उनकी देखरेख में जुटी है. क्रिटिकल केयर के डॉ. रमेश वेंकटरमन, डॉ. आर सेंथिलकुमार, डॉ. बाबू अब्राहम और कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. वाईवीसी रेड्‌डी इसमें शामिल हैं.

First published: 12 November 2016, 13:30 IST
 
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