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क्या लालू के दोनों बेटों के बीच उत्तराधिकारी को लेकर मतभेद शुरू हो चुका हैं ?

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 June 2018, 11:25 IST

राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के दोनों बेटों के बीच मीडिया में मतभेद की ख़बरों ने उस वक्त जोर पकड़ना शुरू क्र दिया, जब लालू के बड़े बेटे एवं बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव ने शनिवार को एक ट्वीट करते हुए लिखा कि ''मेरा सोचना है कि मैं अर्जुन को हस्तिनापुर की गद्दी पर बैठाऊं और खुद द्वारका चला जाऊं. अब कुछेक चुगलख़ोरों को कष्ट है कि कहीं मैं किंग मेकर न कहलाऊं. राधे-राधे.''

तेज प्रताप के इस ट्वीट के बाद चर्चा होने लगी कि कहीं दोनों भाइयों के बीच लालू के उत्तराधिकारी को लेकर खींचतान तो नहीं चल रही है. गौरतलब है कि लालू यादव ने पार्टी का राजनीतिक उत्तराधिकारी अपने छोटे बेटे तेजस्वी यादव को सौंपा है.

तेज प्रताप ने इस ट्वीट के जरिए यह कहने की कोशिश की है कि वह राजनीति से संन्यास ले सकते हैं और 'सबकुछ' अपने भाई तेजस्वी के हाथों में सौंप सकते हैं. इसके बाद तेज़प्रताप ने मीडिया चैनल से यह भी कहा कि उनकी बात पार्टी में नहीं सुनी जाती. फिर वो जब भी किसी को फ़ोन करते हैं तो उन्हें सही रिस्पॉन्स नहीं मिलता.

हालांकि मतभेद की खबरों के तेजी से फैसले के बाद तेजप्रताप ने एक और ट्वीट कर कहा अफवाह फैलाने वालों को चेतावनी दी है. तेजप्रताप ने लिखा, संघीयो.., अफवाह फैलाने की कोशिश मत करो और कान खोलकर सुन लो "तेजस्वी मेरे कलेजे का टुकड़ा है."

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आरजेडी प्रवक्ता भाई बिरेंद्र ने कहा "मैं आश्वस्त कर सकता हूं कि कुछ भी गलत नहीं है, सब ठीक हैं. यह एक राजनीतिक टिप्पणी नहीं है. हालांकि उन्होंने हस्तीनापुर ट्वीट पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.

First published: 10 June 2018, 11:20 IST
 
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